किशनगंज में शिक्षा व्यवस्था सुधारने को लेकर DM सख्त: सातों प्रखंडों के सरकारी स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण

डीएम कार्यलय | Prabhat Khabar Network
किशनगंज जिला प्रशासन सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत व्यवस्था सुधारने के लिए एक्शन मोड में आ गया है. DM नवीन कुमार के निर्देश पर सातों प्रखंडों के चयनित स्कूलों में विशेष औचक निरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है. यह अभियान स्कूलों की जमीनी हकीकत परखने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
किशनगंज जिले के सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत (बुनियादी) व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी (DM) नवीन कुमार के कड़े निर्देश पर जिले के सभी सातों प्रखंडों के चयनित सरकारी स्कूलों में एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है. इसके लिए जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों को विशेष रूप से प्रतिनियुक्त करते हुए स्कूलों की कमान सौंपी गई है.
सातों प्रखंडों के स्कूलों में मचेगा हड़कंप, तैयार होगा विस्तृत प्रतिवेदन
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक रोस्टर के अनुसार, यह विशेष अभियान जिले के सभी क्षेत्रों को कवर करेगा:
- प्रखंडों का चयन: इस महा-निरीक्षण अभियान के दायरे में किशनगंज, कोचाधामन, बहादुरगंज, दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, ठाकुरगंज और पोठिया प्रखंड के चयनित प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों को शामिल किया गया है.
- गोपनीय शाखा को जाएगी रिपोर्ट: जांच के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे आवंटित स्कूलों में धमकेंगे. वे धरातल पर मिली वास्तविक स्थिति के आधार पर विभाग द्वारा तय किए गए विशेष प्रपत्र (फॉर्मेट) में अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के माध्यम से सीधे जिला गोपनीय शाखा को भेजा जाएगा.
हाजिरी से लेकर शौचालय और 'मिड-डे मील' के मेन्यू की होगी बारीकी से जांच
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कागजी खानापूर्ति करना नहीं, बल्कि स्कूलों की ग्राउंड रियलिटी (जमीनी हकीकत) को परखना है. निरीक्षण के दौरान अधिकारी मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जांच करेंगे:
- उपस्थिति एवं पठन-पाठन: समय पर शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की वास्तविक हाजिरी और कक्षाओं का नियमित व सही ढंग से संचालन हो रहा है या नहीं.
- बुनियादी सुविधाएं: विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल (पीने का पानी) की उपलब्धता तथा छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग चालू शौचालय की व्यवस्था.
- मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता: रसोईघर (किचन) की साफ-सफाई, बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की पौष्टिकता और सरकार द्वारा निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन का वितरण.
- कागजातों का मिलान: सरकारी पंजियों (रजिस्टर) में दर्ज आंकड़ों का स्कूल में मौजूद वास्तविक भौतिक स्थिति से शत-प्रतिशत मिलान किया जाएगा.
लापरवाही मिलने पर होगी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई
जिला प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस औचक निरीक्षण अभियान से विद्यालयों की वास्तविक और पारदर्शी तस्वीर सामने आ सकेगी.
वरीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जांच के दौरान जिन स्कूलों में भी शिक्षकों की अनुपस्थिति, पठन-पाठन में शिथिलता, बच्चों के भोजन में लापरवाही या सरकारी फंड के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित प्रधानाध्यापक और दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक व कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का अंतिम लक्ष्य जिले के सरकारी स्कूलों में जवाबदेही तय करना और बच्चों के लिए एक बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है.
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लेखक के बारे में
By बच्छराज
बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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