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31 जनवरी तक बनाएं अपार कार्ड, लापरवाही पर नपेंगे प्रधानाध्यापक : डीएम

Updated at : 29 Jan 2026 7:03 PM (IST)
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31 जनवरी तक बनाएं अपार कार्ड, लापरवाही पर नपेंगे प्रधानाध्यापक : डीएम

31 जनवरी तक बनाएं 'अपार' कार्ड, लापरवाही पर नपेंगे प्रधानाध्यापक : डीएम

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर : निपुण बिहार की होगी नियमित जांच, एक माह में खर्च करनी होगी समग्र शिक्षा की राशि

किशनगंज. जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने व सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. गुरुवार को समाहरणालय में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालय प्रधानों पर गाज गिराने व लंबित योजनाओं को समय सीमा में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है.

निपुण बिहार के लिए बनेगी विशेष जांच टीम

बैठक के दौरान डीएम ने ””निपुण बिहार”” कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि जिला स्तरीय टीम का गठन कर स्कूलों की नियमित जांच की जाए. डीएम ने दो टूक कहा कि जिन स्कूलों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया जाएगा, वहां के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए.

31 जनवरी तक अपार कार्ड बनाने का लक्ष्य

छात्रों के डिजिटल प्रोफाइलिंग को लेकर डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बन चुका है, उनका अपार कार्ड हर हाल में 31 जनवरी, 2026 तक बन जाना चाहिए. वहीं, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत संस्थानों के स्तर पर लंबित आवेदनों को महज दो दिनों के भीतर सत्यापित कर आगे भेजने का आदेश दिया गया है.

बजट खपाने के लिए एक महीने की मोहलत

वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए डीएम ने फंड के उपयोग को लेकर भी सख्ती दिखायी. समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों, बीआरसी (बीआरसी) व सीआरसी (सीआरसी) को मिली कंपोजिट ग्रांट व अन्य मदों की राशि को एक माह के भीतर नियमानुसार खर्च करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही जिन स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, वहां भी विकास कार्यों को एक महीने में पूरा करने को कहा गया है.

50 प्रतिशत स्कूलों में लहलहाएगी पोषण वाटिका

मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए विद्यालयों में ””पोषण वाटिका”” के निर्माण पर जोर दिया गया. डीएम ने निर्देश दिया कि जिले के कम से कम 50 प्रतिशत विद्यालयों में अनिवार्य रूप से पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाए और उसका नियमित अनुश्रवण हो.

निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में असैनिक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई. लंबित योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण करने और भुगतान के प्रस्ताव सक्षम प्राधिकार को भेजने का निर्देश दिया गया. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी व सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मौजूद थे.

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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