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स्तपान शिशु के स्वास्थ्य के साथ मां के जीवन के लिए भी वरदान

Updated at : 03 Aug 2025 6:51 PM (IST)
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स्तपान शिशु के स्वास्थ्य के साथ मां के जीवन के लिए भी वरदान

एक से सात अगस्त तक मनाया जा रहा विश्व स्तनपान सप्ताह

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एक से सात अगस्त तक मनाया जा रहा विश्व स्तनपान सप्ताह

किशनगंज

नवजात के जन्म के तुरंत बाद उसे मां का दूध पिलाना बच्चे के लिए जीवन रक्षक अमृत की तरह है. स्तनपान शिशु के पहले छह माह तक पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है. इसीलिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है. इस वर्ष इसका आयोजन सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं को स्तनपान कराने में सहायता सुनिश्चित करना थीम होता है. जिले में स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस की संयुक्त पहल पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को स्तनपान के महत्व से जागरूक किया जा रहा है.

स्तनपान नवजात के स्वस्थ जीवन की नींव : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि स्तनपान शिशु के लिए जीवनभर के स्वास्थ्य का मजबूत आधार है. स्तनपान को लेकर फैले भ्रांतियों को दूर करना और माताओं को इसके महत्व से अवगत कराना बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों पर रैली, दीवार लेखन, सामूहिक बैठकें, परामर्श सत्र और चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

जन्म के पहले घंटे में स्तनपान सबसे जरूरी : डॉ. शबनम यास्मीन

महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराना बेहद आवश्यक है. यह नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और निमोनिया, डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव करता है. छह माह तक केवल स्तनपान से ही बच्चे को संपूर्ण पोषण मिलता है.

माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है स्तनपान

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि वर्तमान में कामकाजी जीवनशैली और फैशन के चलते कई महिलाएं स्तनपान से परहेज करती हैं, जबकि यह भ्रांति पूरी तरह गलत है. स्तनपान शिशु के साथ साथ माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह महिलाओं में स्तन और ओवरी कैंसर, हृदय रोग और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है. उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल और अन्य संस्थानों में बोतल बंद दूध मुक्त क्षेत्र बनाने की पहल की जा रही है ताकि माताएं स्तनपान को प्राथमिकता दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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