ePaper

आशा परिवारों से जुड़कर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कर रही काम: डीएम

Updated at : 16 Jan 2026 6:44 PM (IST)
विज्ञापन
आशा परिवारों से जुड़कर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कर रही काम: डीएम

जिले में नवजात व शिशु मृत्यु दर, कुपोषण और बार-बार होने वाले संक्रमण जैसी चुनौतियां आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य विषय बनी हुई हैं

विज्ञापन

किशनगंज

जिले में नवजात व शिशु मृत्यु दर, कुपोषण और बार-बार होने वाले संक्रमण जैसी चुनौतियां आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य विषय बनी हुई हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गृह आधारित शिशु देखभाल (एचबीवाईसी) कार्यक्रम को जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है.

ग्रामीण एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों में अक्सर नवजातों की समस्याएं समय पर सामने नहीं आ पातीं. कई बार साधारण दिखने वाली परेशानी गंभीर रूप ले लेती है. एचबीवाईसी कार्यक्रम इसी कमी को दूर करता है. इसके तहत आशा कार्यकर्ता जन्म के बाद निर्धारित अवधि में शिशु के घर जाकर उसकी स्थिति पर नजर रखती हैं और परिवार को जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देती हैं.

बच्चों के भविष्य की नींव है शुरुआती देखभाल

इस संदर्भ में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक और मानसिक विकास की बुनियाद होते हैं. उन्होंने कहा कि नवजात अवस्था में समय पर देखभाल, स्तनपान, स्वच्छता और टीकाकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. एचबीवाईसी कार्यक्रम के माध्यम से आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं, जिससे कुपोषण और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिल रही है. एचबीवाईसी कार्यक्रम के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता नवजात के जन्म के बाद परिवार से नियमित संपर्क बनाए रखती हैं. जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभाव ज़मीन पर दिखना है. उन्होंने कहा एचबीवाईसी कार्यक्रम के जरिए आशा सीधे परिवारों से जुड़कर बच्चों के स्वास्थ्य पर काम कर रही हैं. यह कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी नवजात स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे.

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में निरंतर निगरानी की जरूरत

इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डीसीएम सुमन सिन्हा ने कहा कि शिशु स्वास्थ्य सीधे तौर पर मातृ स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे गृह भ्रमण से शिशुओं में कुपोषण की पहचान समय पर हो पा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AWADHESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन