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ऑपरेशन के दौरान पेट में रुई का बण्डल छोड़ दिये जाने के मामले की जांच के लिए पहुंची तीन सदस्यीय टीम

ऑपरेशन के दौरान एक निजी नर्सिंग होम के द्वारा पेट में रुई का बण्डल छोड़ दिए जाने के मामले में मंगलवार को मामले की जांच हेतु जिला से तीन सदस्यीय टीम ठाकुरगंज पहुंची.

ठाकुरगंज. ऑपरेशन के दौरान एक निजी नर्सिंग होम के द्वारा पेट में रुई का बण्डल छोड़ दिए जाने के मामले में मंगलवार को मामले की जांच हेतु जिला से तीन सदस्यीय टीम ठाकुरगंज पहुंची. टीम में सीएस डा राजेश कुमार, डीआईओ डा देवेन्द्र प्रसाद व एडीएम शामिल थे. इस दौरान जांच टीम ने सर्वप्रथम सम्बन्धित नर्सिंग होम फोर्टिस अस्पताल में तैनात चिकित्सक व संचालक से पूछताछ करते हुए अस्पताल तैनात व्यवस्था का निरीक्षण किया. उसके बाद स्वास्थ्य सबंधी उपलब्ध सुविधा व उपकरणों की जांच की. उसके बाद ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीड़िता के पति से घटना के सबंध में पूरी जानकारी ली. इस मौके पर सीएस ने कहा जांच टीम जांच कर रही. जांच के बाद सारी रिपोर्ट डीएम को सौपी जाएगी. बताते चले ठाकुरगंज प्रखंड के निस्चितपुर निवासी मो शमीम ने अपनी पत्नी के ऑपरेशन के दौरान न्यू फोर्टिस अस्पताल द्वारा लापरवाही बरतने वाले मामले में न्याय हेतु डीएम से गुहार लगाई थी. जिसके बाद डीएम के निर्देश पर जांच हेतु टीम गठित की गई थी. बता दे कि पीड़िता के पति मो शमीम ने ठाकुरगंज में सौंपे लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि विगत अगस्त माह में उक्त नर्सिंग होम में अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव हेतू भर्ती कराया था. सीजर प्रसव के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई थी. कुछ सप्ताह बाद पेट दर्द की शिकायत होने पर पुनः उक्त अस्पताल में भर्ती कराया था. कुछ सप्ताह तक इलाज के नाम पर पत्नी को रखते हुए फिर छुट्टी दे दी गई थी. अक्टूबर माह में फिर पत्नी के पेट दर्द होने पर उक्त अस्पताल लाया. जहां संचालक ने अपना पल्ला झाड़ते हुए किशनगंज के एक निजी नर्सिंग होम जाने को कहा. किशनगंज के निजी अस्पताल में जब मेरी पत्नी का एमआरआई कराया तो पता चला कि ऑपरेशन के दौरान न्यू फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सक व कर्मियो के लापरवाही के कारण कांटन छूट गया था. जिसके बाद लाखों रुपए खर्च करके अपनी पत्नी का इलाज कराया. इसकी शिकायत इरशाद से करने पर उसने चुप रहने हेतु मेरे साले के खाते में 16 हजार राशि भेजी थी. पत्नी के इलाज में लाखों रुपए खर्च होने के बाद मेरी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी. जिसके बाद लापरवाही व गलत इलाज हेतु इरशाद से संपर्क करने पर कोई संपर्क नहीं हो पाया. उसके अस्पताल जाने पर उसका अस्पताल बन्द पाया. उसके बाद इसकी शिकायत ठाकुरगंज थाने सहित डीएम से की थी.

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