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उर्वरक विक्रेताओं का 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

Updated at : 07 Jan 2026 6:25 PM (IST)
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उर्वरक विक्रेताओं का 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

उर्वरक विक्रेताओं का 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय में

पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड स्थित डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबाड़ी के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग द्वारा उर्वरक विक्रेताओं के लिए ”समेकित पोषक तत्व प्रबंधन” विषय पर 15 दिवसीय आवासीय प्रमाणपत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. स्व-वित्तपोषित इस प्रशिक्षण के 12वें एवं 13वें बैच का आयोजन सात जनवरी से आगामी 21 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन महाविद्यालय के एसोसिएट डीन सह प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण ने दीप प्रज्वलित कर किया. उद्घाटन सत्र के दौरान पाठ्यक्रम निदेशक सह समन्वयक डॉ एसके दत्ता द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया.

विक्रेता नहीं, कृषि तकनीकी सलाहकार बनें : प्राचार्य

प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण ने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं को केवल उर्वरक विक्रेता नहीं, बल्कि कृषि तकनीकी सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को किसानों तक पहुंचाएं व टिकाऊ, संतुलित एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा दें. उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक उर्वरक प्रबंधन से न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रहता है. उर्वरक विक्रेता किसानों के प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है.

उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किशनगंज व पूर्णिया जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कुल 60 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं. इन्हें मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं अकार्बनिक पोषक तत्वों के समन्वय तथा नवीन कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा. इस अवसर पर डॉ एससी पॉल, नोडल अधिकारी सीसीआइएनएम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला. प्रतिभागियों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं को खेत स्तर पर अपनाने के लिए प्रेरित किया. डॉ जेपी सिंह, प्रभारी पदाधिकारी बागवानी अनुसंधान केंद्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पोषक तत्व प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया. कार्यक्रम में डॉ मोहसिना अंजुम, डॉ विनोद कुमार, डॉ घनश्याम प्रसाद, डॉ अंजली कुमारी, डॉ श्वेता कुमारी, डॉ रीना व श्री मनीष सहित विभाग के अन्य शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे. प्रारंभिक सत्र में सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया व प्रशिक्षण से अपनी अपेक्षाएं साझा की. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्वेता ने प्रस्तुत किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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