क्रिसमस की धूम चर्च में जले कैंडल

Published at :26 Dec 2016 5:34 AM (IST)
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क्रिसमस की धूम चर्च में जले कैंडल

कैंडल जलाते बच्चे व चर्च में मौजूद श्रद्धालु. ठाकुरगंज : इसाइयों के सबसे महत्वपूर्ण पर्व क्रिसमस उत्साह और उमंग के साथ क्षेत्र में मनाया गया. इस दौरान नगर और ग्रामीण इलाके में स्थित चर्च को आकर्षक ढंग से सजाये गये थे. इस दौरान ईसाई धर्मांवलंबियों के अलावे अन्य समुदाय के लोगों ने भी चर्च में […]

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कैंडल जलाते बच्चे व चर्च में मौजूद श्रद्धालु.

ठाकुरगंज : इसाइयों के सबसे महत्वपूर्ण पर्व क्रिसमस उत्साह और उमंग के साथ क्षेत्र में मनाया गया. इस दौरान नगर और ग्रामीण इलाके में स्थित चर्च को आकर्षक ढंग से सजाये गये थे. इस दौरान ईसाई धर्मांवलंबियों के अलावे अन्य समुदाय के लोगों ने भी चर्च में पहुंच कर मोमबत्ती जलायी. बताते चलें नगर के चेंगमारी में कैथोलिक और फाड़ाबाडी में बैपटिस्ट चर्च है. उत्साह के साथ यह पर्व मनाने लोग जुटे हैं. इस दौरान चेंगमारी स्थित कैथोलिक चर्च में मेले जैसा नजारा देखने को मिला. वहीं फादर जॉन थाकडीएल ने प्रभु यीशु के जन्म के महत्व व मानवता के लिए उनकी शिक्षाओं एवं जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए
मानवता और करुणा का संदेश दिया. रात के 11 बजे के बाद ही प्रभु यीशु के जन्म उत्सव को लेकर चर्च में विशेष प्रार्थनाएं शुरू हो गयीं. इस दौरान ईसा मसीह के जन्‍म के बारे में फादर जॉन थाकडीएल ने कहा कि गॉड ने मैरी नामक एक कुंवारी लड़की के पास गैब्रियल नामक देवदूत भेजा. गैब्रियल ने मैरी को बताया कि वह प्रभु के पुत्र को जन्‍म देगी और बच्‍चे का नाम जीसस रखा जायेगा. व‍ह बड़ा होकर राजा बनेगा, तथा उसके राज्‍य की कोई सीमाएं नहीं होंगी. उसका दिया हुआ मानवता का संदेश चारों ओर फैलेगा.
मैरी ने आधी रात को जीसस को जन्‍म दिया और उसे एक नांद में कपडे से लपेट कर लिटा दिया. फादर जॉन बताते हैं कि क्रिसमस समारोह आधी रात के बाद शुरू होता है. सुंदर रंगीन वस्‍त्र पहने बच्‍चे हाथ में चमकीली छड़ियां लिये हुए सामूहिक नृत्‍य करते हैं. ठाकुरगंज में आदिवासी नृत्य का प्रदर्शन हुआ. वहीं बैपटिस्ट चर्च के द्वारा गरीबों के बीच वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बता दें कि जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार किशनगंज जिले में 5747 ईसाई समुदाय के लोग हैं, जो कुल जनसंख्या का सिर्फ 0.34% हैं. बावजूद इसके चर्च और आसपास क्रिसमस के दिन मेले सा माहौल बन जाता हैं. लोग दूर-दराज से भी क्रिसमस के त्योहार में शामिल होने आते हैं. चर्च के बाहर चाट-पकौड़े से लेकर केक की दुकानें खुल जाती हैं.
क्रिसमस पर चर्च में उमड़ा जन सैलाब
क्रिसमस के अवसर पर रविवार को किशनगंज जिले में उल्लास का वातावरण रहा, मसीही विश्वासी सुबह चर्च गये. आराधना विधि में हिस्सा लिया. बालक यीशु का चरणी में स्वागत किया. इसके बाद एक -दूसरे को बधाई दी. घर जाकर भी क्रिसमस की शुभकामनाएं और उपहार दिये, केक, अरसा, निमकी, रोजकेक व अन्य लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया.युवाओं ने अपने दोस्तों और लोगों ने अपने परिजनों और मित्रों के साथ तसवीर खिंचवायी.
प्रभु ईसा मसीह के जन्मोत्सव के अवसर पर स्थानीय रूईधासा स्थित कैथलिक चर्च में ईसाइ समुदाय द्वारा धूमधाम से क्रिसमस मनाया गया. क्रिसमस के अवसर पर मनमोहक अंदाज में चर्च को सजाया गया था. प्रेम दया क्षमा एवं करुणा के सागर प्रभु यीशु ने पूरी दुनिया को शांति एवं सद्भाव का पैगाम दिया था. उसी शांति एवं सद्भाव के पैगाम के साथ ईसाई धर्मावलंबियों के अलावे अन्य समुदाय के लोग भी क्रिसमस के मौके पर भगवान यीशु के सामने मोमबत्ती जला कर प्रार्थना की. प्रभु यीशु के समक्ष प्रार्थना व मोमबत्ती जलाने के लिए सुबह से ही युवक – युवतियों , महिलाओं एवं बच्चों का चर्च परिसर में जमावड़ा लगना शुरू हो गया था. चर्च के बाहर मेले जैसा माहौल था. क्रिसमस में सांता क्लोज का भी बड़ा महत्व है. खास कर बच्चे जिन्हें यह कहानी पता है कि सांता क्लॉज आयेंगे और उपहार देकर जायेंगे.
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