बैंक खुलते ही लोगों की लगी लंबी लाइन

Published at :01 Dec 2016 6:42 AM (IST)
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बैंक खुलते ही लोगों की लगी लंबी लाइन

किशनगंज : 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के 22 दिन बाद भी जब बैंक खुले तो वहां लोगों की लंबी लाइने अहले सुबह से देखी गयी. लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नये नोट पाने और छोटी राशि के नोट के लिए मशक्कत करते दिखे. बैंकों के एटीएम […]

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किशनगंज : 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के 22 दिन बाद भी जब बैंक खुले तो वहां लोगों की लंबी लाइने अहले सुबह से देखी गयी. लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नये नोट पाने और छोटी राशि के नोट के लिए मशक्कत करते दिखे. बैंकों के एटीएम केंद्र खुलने से भी लोगों की लंबी कतार कम नहीं हो रही है. बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखे लोगों की शिकायत है कि लंबी लाइनों के चलते अपने खाते में राशि जमा कराने अथवा निकालने में उन्हें काफी समय लग रहा है. बैंकों में बढ़ती भीड़ को देख कर बड़ी संख्या में लोग एटीएम केंद्र के बाहर भी अहले सुबह से जमे रहते हैं.

कतार में खड़े कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को पुराने नोट बंद करने की घोषणा करने से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थी. हालांकि बैंकों द्वारा दिन में तीन से चार बार एटीएम में नोट डाला जाता है. लेकिन नोट डालते ही कुछ देर बाद एटीएम का पैसा खाली हो जाता है. शहर के एसबीआइ मुख्य शाखा गांधी चौक, एसबीआइ शाखा पश्चिमपाली और कैलटैक्स चौक, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी, देना बैंक, एक्सिस बैंक, इंडिया बैंक शाखाओं के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे. ठाकुरगंज प्रतिनिधि के अनुसार, 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के 22 दिन बाद भी जब बैंक खुले तो वहां लोगों की लंबी लाइन अहले सुबह से देखी गयी. लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नये नोट पाने और छोटी राशि के नोट के लिए मशक्कत करते दिखे. बैंकों के एटीएम केंद्र खुलने के भी लोगों की लंबी कतार कमने का नहीं ले रहा है. बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखे. लोगों की शिकायत है कि लंबी लाइनों के चलते अपने खाते में राशि जमा कराने अथवा निकालने में उन्हें काफी समय लग रहा है. बैंकों में बढ़ती भीड़ को देखकर बड़ी संख्या में लोग एटीएम केंद्र के बाहर भी अहले सुबह से जमे रहते है.कतार में खड़े कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को पुराने नोट बंद करने की घोषणा करने से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थी.

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