नोटबंदी ने बढ़ायी परेशानी, नहीं मिल रहा है काम

Published at :22 Nov 2016 7:01 AM (IST)
विज्ञापन
नोटबंदी ने बढ़ायी परेशानी, नहीं मिल रहा है काम

दिघलबैंक : पांच सौ व एक हजार के नोट पर लगी पाबंदी से घर चलाने वाली गृहणियों की परेशानियां अचानक से बढ़ गयी है. धीरे-धीरे घरों में रोजमर्रा की सामग्री के अभाव व बैंक तथा एटीएम में घंटों कतार में रहना परेशानी का सबब बन रहा है. हालांकि ये परेशानियां उनके साथ कम हैं जहां […]

विज्ञापन

दिघलबैंक : पांच सौ व एक हजार के नोट पर लगी पाबंदी से घर चलाने वाली गृहणियों की परेशानियां अचानक से बढ़ गयी है. धीरे-धीरे घरों में रोजमर्रा की सामग्री के अभाव व बैंक तथा एटीएम में घंटों कतार में रहना परेशानी का सबब बन रहा है. हालांकि ये परेशानियां उनके साथ कम हैं जहां पुरुष साथ हैं.

उनके घरेलू सामान घर के पुरुष व बच्चे ले आते हैं.वहीं गृहणियां जिनके परिजन परदेस में रहते हैं या रोजाना की मजदूरी व व्यवसाय पर आश्रित हैं, उनकी स्थिति खराब हो रही है. रोजगार पर आश्रितों की आमदनी नोटबंदी से चरमरा गई है.वहीं परदेस में काम करने वालों को पैसा घर भेजना तथा गृहणियों को एटीएम अथवा एकाउंट से पैसा निकालना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
रविवार को दिघलबैंक हाट में खरीददारी करने आयी गृहणियों से प्रभात खबर ने नोटबंदी से उनके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जब पूछा तो बड़ी ही बेबाकी से इन गृहणियों ने अपनी बाते रखी नुसरत खातून ने कहा कि नोटबंदी का उन पर कोई खासा प्रभाव नहीं पड़ा है. उसके पति बैंक से पैसे ले आए और अभी तक उसी पैसे से घर चल रहा है, हम लोग तो आम आदमी है इस फैसले से हम लोगों के जीवन पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है.
वही मंझली मुर्मू ने बताया कि वह मजदूरी पर आश्रित है. बाजार में काम भी नहीं मिल रहा. लोग पैसे के अभाव में काम कराना बंद करा रहे हैं जिससे स्थिति नाजुक हो गयी है. फिर भी थोड़ी बहुत जो कमाई होती है उसी घर चल रहा है. जानकी देवी के पति पंजाब में काम करते हैं,अभी तक सब कुछ ठीक ठाक है. पाबंदी वाले नोट उनके रिश्तेदारों ने बदलवा दिए हैं,वो कहतीं है कि यही स्थिति रही तो कुछ दिनों में हमारे हालात भी खराब हो जाएंगे, लेकिन परेशानी तो धनवानों की बढ़ गयी है.
आसमां खातून ने बताया कि उसका बेटा कश्मीर में कमाता है. उसने एकाउंट में पैसे भेजे हैं. बैंको में भीड़ के कारण वह पैसा निकालने नहीं जा रही है लेकिन सरकार ने ये बढ़िया काम किया है. रीना देवी ने कहा कि उसका पति राजमिस्त्री हैं, मकान बनाने वाले ने तत्काल काम बंद करा दिया है. पहले के जमा पैसे खत्म हैं. किसी तरह जीवन बसर कर रहें हैं . ये कुछ दिनों की बात है धीरे धीरे सब ठीक हो जायेगा. नाज़िया खातून ने बताया कि उसका पति फेरी लगाता है . बाजार में खुदरा पैसों की कमी है. लोग पांच सौ व हजार का नोट दिखा सामान खरीदना चाहते हैं. मजबूरी में कई दिनों से फेरी करना बंद कर दिया है जिससे परेशानी बढ़ गयी है. गुलशन ने बताया कि अब धीरे धीरे बाजार में पैसा आ रहा है. हालांकि एटीएम में लाइन लगती है मगर लोग महिलाओं को विशेष लाइन से पहले पैसा निकालने का मौका दे रहे हैं रोजमर्रा की सामग्री व विशेषकर साग-सब्जी खरीदारी में कुछ परेशानी है, मगर परेशानी का समाधान भी हो रहा है,धीरे-धीरे सब सामान्य हो जायेगा़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन