बंध्याकरण करवाने आयी 13 महिलाओं का भीषण ठंड में जमीन पर किया जा रहा इलाज

Published at :12 Jan 2018 6:38 AM (IST)
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बंध्याकरण करवाने आयी 13 महिलाओं का भीषण ठंड में जमीन पर किया जा रहा इलाज

ठाकुरगंज : स्थानीय पीएचसी में बंध्याकरण के बाद बेड के अभाव में मरीजों को जमीन पर ही सोने के लिए विवश होना पड़ता है. जिससे ऑपरेशन कराये मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है. मरीज के परिजन द्वारा इस व्यवस्था पर विरोध जताने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. […]

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ठाकुरगंज : स्थानीय पीएचसी में बंध्याकरण के बाद बेड के अभाव में मरीजों को जमीन पर ही सोने के लिए विवश होना पड़ता है. जिससे ऑपरेशन कराये मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है. मरीज के परिजन द्वारा इस व्यवस्था पर विरोध जताने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. अस्पताल कर्मियों की मानें तो यहां महीने में दो बार तरकीबन 20 से 25 महिलाओं का बंध्याकरण किया जाता है. लेकिन हर बार महिलाओं को बेड के अभाव में ऑपरेशन के बाद जमीन पर ही लिटाया जाता है. इसके लिए कई बार प्रभारी चिकित्सा प्रभारी व अस्पताल प्रबंधक से बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया, लेकिन उसपर अमल अबतक नहीं किया जा सका है. जिससे आये दिन कर्मी मरीजों के परिजन का कोपभाजन बन रहे हैं.

मंगलवार को ठाकुरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 13 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया. मरीजों को सरकारी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई. जाड़ा का मौसम होने के बाद भी मरीजों को फर्श पर रात ही नहीं गुजारनी पड़ी, बल्कि उन्हें कंबल भी नहीं दिया गया. कुछ मरीजों को बेड सीट मिली तो कुछ को नहीं. रजाई सहित बिछावन की व्यवस्था मरीजों को खुद करनी पड़ी.
बताते चलें, ठाकुरगंज हॉस्पिटल छह शैय्या का हॉस्पिटल है . वहीं केवल सात और चौकी की व्यवस्था कर सभी को बेड दिया जा सकता था. ऑपरेशन के बाद सुबह बिना चाय नास्ता के ही सभी को विदा कर दिया गया. अमलझाड़ी निवासी जफीर अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराने आये थे. उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई भी व्यवस्था नाम की चीज नहीं है. यहां सब कुछ उपर वाले के भरोसे चलता है. ठंड में भी मरीजों को फर्श पर सुला कर छोड़ दिया जाता है. जहां चिकित्सक से लेकर आम मरीज इधर से होकर ही गुजरते हैं. वहीं पौआखाली से अपनी पत्नी का ऑपरेशन करवाने आये संतोष यादव ने बताया कि अस्पताल में बेड की समुचित व्यवस्था तो है नहीं, साथ ही साफ सफाई का भी घोर अभाव है. जिसे लेकर काफी परेशानी बढ़ जाती है.
कुछ भी गलत नहीं मानते मेरी स्टॉप के प्रभारी
बंध्याकरण आॅपरेशन की गयी सभी 13 महिलाओं को इस हांड़ कंपा देने वाली ठंड में जमीन पर ही सुला दिये जाने के मामले को बंध्याकरण करने वाली एजेंसी मेरी स्टॉप ने कही गलत नहीं मानते हुए उन्हें पूरी सुविधा देने का दावा किया. इस मामले में मेरी स्टॉप के ठाकुरगंज प्रभारी रंजन सिंह ने कहा की हॉस्पिटल में बेड की कमी के कारण गद्दे की व्यवस्था कर सभी को सुलाया गया था.
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