KCC से लोन लेने वाले बिहार के किसानों को नीतीश सरकार की सौगात, 90 फीसदी तक ब्याज होगा माफ, करना होगा ये काम

Kisan Credit Card: एक तरफ केंद्र के कृषि कानूनों (Farmers Law) के खिलाफ किसान संगठनों ने आंदोलन (Kisan Andolan) छेड़ रखा है तो वहीं दूसरी तरफ बिहार के किसानों (Bihar ke Kisan) के लिए खुशखबरी (Good News) है. बिहार में सहकारिता बैंक ( co operative Bank) से केसीसी (KCC) लोन लेने वाले किसानों को थोड़ी राहत मिली है. सहकारिता बैंक से लोन लेने वाले किसानों का ब्याज में 90 फीसदी तक का राशि माफ हो सकेगा.
Kisan Credit card: एक तरफ केंद्र के कृषि कानूनों (Farmers Law) के खिलाफ किसान संगठनों ने आंदोलन (Kisan Andolan) छेड़ रखा है तो वहीं दूसरी तरफ बिहार के किसानों (Bihar ke Kisan) के लिए खुशखबरी (Good News) है. बिहार में सहकारिता बैंक ( co operative Bank) से केसीसी (KCC) लोन लेने वाले किसानों को थोड़ी राहत मिली है. सहकारिता बैंक से लोन लेने वाले किसानों का ब्याज में 90 फीसदी तक का राशि माफ हो सकेगा.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के सहकारिता बैंकों में ब्याज माफी के लिए बीते 15 दिसंबर से ही इस योजना की शुरुआत कर दी गई है. विभाग के सचिव वंदना प्रेयसी ने बुधवार को इस योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बैंकों को सभी एनपीए धारकों को नोटिस देने का भी निर्देश दिया. सरकार ने यह फैसला किया है कि 31 जनवरी तक जो किसान ब्याज की माफी के लिए आवेदन करते हैं उन्हें 90 फीसदी तक के सूद माफी का लाभ मिल सकता है.
नीतीश सरकार की किसानों को सौगात
बिहार के दो लाख किसानों के सहकारी लोन का 90% सूद होगा माफ
नीतीश सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है इसको ध्यान में रखकर ही हमारी सरकार कोई कदम उठाती है।#NitishSarkar@Jduonline pic.twitter.com/6ennbcyijX
— Rajeev Ranjan Prasad (@RajivRanjanJDU) January 28, 2021
सरकार के आदेश के मुताबिक, जनवरी महीने में आवेदन करने वालों को 90 फीसदी तक ब्याज में माफी का लाभ मिलेगा जबकि फरवरी में आवेदन करने पर 80 फीसदी तक. दरअसल सरकार की चिंता इस बात को लेकर है कि केसीसी के जरिए बैंकों का पैसा डिफॉल्टर के पास फंसा है. यह रकम 563 करोड़ों रुपए की है. इससे बिहार के करीब दो लाख किसानों को फायदा होगा. सहकारिता बैंक की एक मुश्त समझौता योजना (ओटीएस) का लाभ व्यक्तिगत लोन लेने वालों के साथ डिफॉल्टर पैक्स भी ले सकते हैं.
विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने बैंक स्तर पर कैम्प लगाकर कर्जदार किसानों और दूसरे लोगों को इसका लाभ देने के लिए कहा है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार में सहकारी बैंकों से केसीसी लेने वाले किसानों की संख्या करीब चार लाख है. इनमें से करीब दो लाख किसानों का खाता एनपीए हो गया है.
इन खातों में बैंकों का लगभग 300 करोड़ रुपया फंसा हुआ है. बैंकों ने लगभग 56 हजार एनपीए खातों को नोटिस दिया है. इन खातों में बैंकों के लगभग 563 करोड़ रुपये फंसे हैं. अभ तक इश योजना का लाभ 1600 किसानों ने उठाया है. इन किसानों से करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है.
Posted By: Utpal kant
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