बेलदौर में सांप के डसने से महिला की मौत, इलाज से पहले झाड़-फूंक में बीता समय, तीन बच्चों से छिना मां का साया
महिला की मौत पर रोते-बिलखते परिजन व मासुम बच्चे. | Prabhat Khabar Network
बेलदौर में सांप के डसने से 25 वर्षीय महिला की दुखद मौत हो गई. इलाज के बजाय झाड़-फूंक में कीमती समय बर्बाद होने से उसकी हालत बिगड़ गई. तीन छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया.
बेलदौर थाना क्षेत्र की डुमरी पंचायत के रोहियामा गांव में विषैले सांप के डसने से 25 वर्षीया महिला की मौत हो गयी. मृतका की पहचान रोहियामा गांव निवासी सुनील चौधरी की पत्नी लाखों देवी के रूप में हुई है. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
बगीचे में साग तोड़ने गयी थी महिला
ग्रामीणों के अनुसार लाखों देवी घर के पीछे स्थित बगीचे में साग तोड़ने गयी थी. इसी दौरान विषैले सांप ने उसके बाएं हाथ की उंगली में डस लिया. सांप के डसने के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय सांप को साथ लेकर गांव के ही एक तांत्रिक के पास झाड़-फूंक कराने पहुंच गये.
काफी देर तक झाड़-फूंक चलने के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद परिजन उसे सांप के साथ बेलदौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे.
गंभीर हालत में सदर अस्पताल किया गया रेफर
स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने महिला का तत्काल उपचार शुरू किया. हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल खगड़िया रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने लाखों देवी को मृत घोषित कर दिया.
सांप के काटने की स्थिति में समय पर चिकित्सा उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की हालत बिगड़ती गयी. घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी मौजूद झाड़-फूंक पर निर्भरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मौत के बाद भी तांत्रिक के पास ले गये शव
चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किये जाने के बाद भी परिजनों को महिला के जीवित होने की उम्मीद बनी रही. वे शव को लेकर मधेपुरा जिले के पुरैनी गांव स्थित एक तांत्रिक के पास पहुंच गये. वहां काफी देर तक तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक की गयी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
इसके बाद परिजन भारी मन से शव लेकर रोहियामा गांव लौटे. महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गयी.
तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया
लाखों देवी अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गयी हैं. इनमें चार वर्षीय मनखुश कुमार, तीन वर्षीय नैना कुमारी और महज ढाई माह का दूधमुंहा मानव कुमार शामिल है. मां की मौत के बाद बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मां की मौत से तीनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
शव गांव पहुंचने की सूचना मिलने पर बेलदौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया.
घटना की सूचना मिलने पर डुमरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय कुमार और मत्स्यजीवी सहकारिता समिति के अध्यक्ष रामबरन चौधरी भी मृतका के घर पहुंचे. दोनों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
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