पुरखों का आशीर्वाद मानकर हो रहा कुआं का जीर्णोद्धार

पूर्वजों की विरासत के तौर पर कुआं जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण साधन है
परबत्ता. कुएं हमारी सांस्कृतिक धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं. हिन्दू संस्कृति में जहां जन्म से लेकर शादी की तमाम रश्में कुओं के इर्दगिर्द होती है. वहीं मुस्लिम समाज इन कुओं के पानी से वजू कर इबादत करते हैं. पूर्वजों की विरासत के तौर पर कुआं जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण साधन है. उक्त बातें माधवपुर पंचायत के मुखिया आशुतोष कुमार सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि पुरखों का आशीर्वाद मानकर बिहार सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन हरियाली के तहत कुआं का जीर्णोद्धार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दो कुआं का जीर्णोद्धार किया गया है. कुल 10 कुआं का जीर्णोद्धार करने का लक्ष्य है. सभी कुआं 100 वर्ष पुराना है. मिटने के कगार पर था. उसे नया रूप दिया जा रहा है.
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