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तीन माह से सन्हौली फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार की इंतजार में तीन किलोमीटर दूरी तय कर रहे लोग

Updated at : 01 Apr 2025 10:14 PM (IST)
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तीन माह से सन्हौली फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार की इंतजार में तीन किलोमीटर दूरी तय कर रहे लोग

तीन माह से सन्हौली फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार की इंतजार में तीन किलोमीटर दूरी तय कर रहे लोग

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खगड़िया. तीन माह से सन्हौली फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार की इंतजार में लोग प्रतिदिन तीन किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं. शहर के उत्तरी भाग से दक्षिणी भाग जाने के लिए सन्हौली ढाला पर निर्मित फुटओवर ब्रिज का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार किए जाने से शहर के उतरी भाग सन्हौली सहित दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. मालूम हो कि स्टेशन के पूर्वी भाग में स्थित दशकों पूर्व निर्मित फुटओवर ब्रिज (एफओबी ) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था. किसी भी समय अनहोनी होने की आशंका बनी रहती थी. आमलोगों के अलावा रेलवे के अधिकारी भी भयाक्रांत रहते थे. बीते जनवरी से क्षतिग्रस्त एफओबी के जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. बताया जाता है कि सन्हौली रेलवे ढाला पर स्थित जर्जर फुटओवर ब्रिज का जीर्णोद्धार पर 60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

सन्हौली ढाला पर 35 साल पहले बना था फुटओवर ब्रिज

सन्हौली ढाला से शहर के राजेन्द्र चौक जाने के लिए 35 वर्ष पूर्व फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया गया था. जिले के उत्तरी हिस्से के लोगों को बाजार आवागमन के लिए तीन दशक पूर्व वर्ष 1990 में सन्हौली रेलवे ढाला पर फुटओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया था. बना फुटओवर ब्रिज पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसमें एफओबी का एक कालम ( स्टील पिलर ) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था. इसके अलावा ब्रिज का डेक स्लैब (ऊपरी हिस्सा) भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका था, जिससे ब्रिज के किसी भी समय टूटने की आशंका को लेकर रेलवे के अधिकारी भयाक्रांत रहते थे.

एफओबी से हजारों लोगों का सफर होता है आसान

सन्हौली रेलवे ढाला पर बना फुटओवर ब्रिज जिले के उत्तरी हिस्से को बाजार से जोड़ता है. मालूम हो कि रेलवे लाइन के उत्तरी हिस्से में ही तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय के अलावा दर्जनों सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थान का संचालन हो रहा है. जिले के अलौली, चौथम, खगड़िया ,बेलदौर एवं मानसी प्रखंड की बसावट भी रेलवे लाइन के उत्तरी भाग में ही है. जिले के उत्तरी भाग में रहने वाले लोगों को बाजार जाने के लिए सर्वाधिक सुगम मार्ग सन्हौली रेलवे ढाला पर बना फुट ओवर ब्रिज ही है.

बाजार जाने के लिए तीन किलोमीटर चलना पड़ता है पैदल

फुटओवर ब्रिज बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है. लोगों को तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. बताया जाता है कि ब्रिज के दक्षिणी हिस्से बाजार साइड की ऊंचाई कम है. जबकि उत्तरी हिस्से सन्हौली साइड की ऊंचाई अधिक है. बाजार साइड एवं सन्हौली साइड यानी दोनों तरफ ब्रिज की सीढ़ी में दो-दो लैंडिंग (चौताल) दिया गया था. ब्रिज के सन्हौली साइड में बने सीढ़ी में लगातार 25 स्टेप है. जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था. ब्रिज के जीर्णोद्धार में कालम बदलने व ऊपरी स्लैब को तोड़कर नया स्लैब बनाया जा रहा है.

अधिकारियों की उदासीनता से लोगों की बढी परेशानी

बताया जाता है कि ब्रिज के क्षतिग्रस्त स्लैब को तोड़ दिया गया है. अब स्लैब पर ढलाई का कार्य किया जाएगा. जानकारी के अनुसार बीते एक सप्ताह पहले दो घंटे ब्लॉक लिया गया था. ब्लॉक के दौरान स्लैब को तोड़ दिया गया.

कहते हैं वरीय आइओडब्ल्यू

वरीय आइओडब्ल्यू चंदन कुमार चौरसिया ने बताया कि क्षतिग्रस्त फुटओवर ब्रिज के जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल तक फुटओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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