हर हाल में नप की सार्वजनिक संपत्ति की होगी सुरक्षा: अर्चना कुमारी

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जिला परिषद से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी मांगने का डीएम से सभापति ने की अनुरोध

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– जिला परिषद से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी मांगने का डीएम से सभापति ने की अनुरोध

.खगड़िया. शहर के राजेंद्र चौक पर कराए जा रहे कथित अस्थायी स्टॉल निर्माण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. नगर सभापति अर्चना कुमारी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले में जिला परिषद से सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध किया. नगर सभापति द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि राजेंद्र चौक पर जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद द्वारा वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को हटाया गया था. इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना तथा नगर परिषद की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. पत्र में उल्लेख किया गया है कि नगर परिषद द्वारा उक्त स्थल के दक्षिण एवं पूर्वी कोने में पहले से हाई मास्ट लाइट लगाया गया था. साथ ही अतिक्रमण हटाने के बाद नगर को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर-पूर्वी कोने में एलईडी टीवी स्थापना के लिए फाउंडेशन भी तैयार कराया गया था. इसी बीच जानकारी प्राप्त हुई कि जिला परिषद द्वारा पुनः उक्त स्थल पर अस्थायी स्टॉल निर्माण कराया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गयी. जिसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी. हालांकि तब तक आंशिक निर्माण कार्य किया जा चुका था.

एलईडी टीवी के लिए बनाये गये फाउंडेशन पर लगाया जा रहा था स्टॉल

नगर सभापति ने कहा कि एलईडी टीवी के लिए बनाए गए फाउंडेशन के ऊपर ही स्टॉल निर्माण कराया जा रहा था. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य जिला परिषद के किस फंड अथवा योजना मद से कराया जा रहा था. इसके लिए किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी. कहा कि जब जिला प्रशासन के आदेश पर नगर परिषद द्वारा उक्त स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था. तब पुनः उसी स्थल पर निर्माण कार्य किसके आदेश पर शुरू कराया गया. नगर परिषद की सार्वजनिक संपत्ति एवं राजेंद्र चौक जैसे अति व्यस्त स्थल पर निर्माण कार्य कराने से पूर्व नगर परिषद अथवा जिला प्रशासन से कोई अनुमति प्राप्त की गई थी, अथवा नहीं. जिला परिषद के कार्यालय एवं आवासीय परिसरों को छोड़कर नगर क्षेत्र अंतर्गत अन्य सार्वजनिक संपत्तियां संबंधित नगर निकाय/नगर परिषद के अधीन मानी जाती है. ऐसी स्थिति में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि राजेंद्र चौक स्थित नगर परिषद की भूमि पर जिला परिषद किस वैधानिक प्रावधान के तहत निर्माण कार्य करा रहा था. नगर सभापति ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि जिला परिषद को निर्देशित किया जाए कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर आवश्यक एवं तथ्यात्मक सूचना उपलब्ध कराई जाय. ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके.

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