परबत्ता. शनिवार को नगर पंचायत स्थित जय हनुमान युवा नाट्य कला परिषद रामपुर उर्फ रहीमपुर के प्रागंण में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया गया. शुक्रवार को कलश यात्रा निकाली गयी थी. राजस्थान आये राजयोगी कंचन दीदी ने आध्यात्मिक प्रवचन देती हुई कहीं कि परमात्मा का स्व उदघाटित नाम शिव है, जिसका अर्थ कल्याण कारी होता है. ब्रह्मा विष्णु और शंकर द्वारा तीन दिव्य कर्तव्य करते हैं इसलिए उन्हें त्रिमूर्ति शिव कहते हैं. वह सृष्टि के आदि, मध्य, अंंत को जानने वाले है. तथा पतितो को पावन बनाने वाले हैं. भगवान शिव का अर्थ कल्याणकारी होता है. शिव को कल्याणेश्वर भी कहा जाता है. ज्ञान की कमी के कारण वर्तमान समय में मानव के अंदर काम, क्रोध, लोभ, मोह ,अहंकार, ईर्ष्या, नफरत आदि राक्षसी प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है. इसके कारण समाज में दिन-प्रतिदिन अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं. उन्होंने बताया अगर हम अपनी भारतीय पुरानी सभ्यता, संस्कृति, परंपराएं, पूर्वजनों की संस्कार सत्संग के माध्यम से भलाई करने का कार्य नहीं किया, तो इस समाज में चलना, रहना, बैठना, उठना, जीना बड़ा ही मुश्किल हो जायेगा. श्रेष्ठ संस्कारों के आधार पर ही एक अच्छे समाज का निर्माण संभव है. उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनों ने आज समाज में श्रेष्ठ चरित्र निर्माण की अलख जगाने की मुहिम चला रखी है. विकृतियां मानव मन में प्रवेश कर चुकी हैं, उनको निकालना बहुत बड़ी चुनौती है. प्रवचन समापन के पूर्व आरती, भजन से माहौल भक्ति मय हो उठा. मौके डॉ अविनाश कुमार, अखिलेश चौधरी, रंजू बहन, रिचा बहन, विभा बहन, डोली बहन, भोला, अनुपम, धर्मवीर, बालेश्वर, महेश आदि उपस्थित थे.
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