खगड़िया. अलौली अंचल के गौड़ाचक पंचायत के छिलकौड़ी में सीपीआइ का दो दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को हुई. सम्मेलन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लाल झंडा लेकर पहुंचा. सभा स्थल पर सीपीआइ के राज्य मंत्री रामनरेश पांडे ने झंडोत्तोलन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी. जिला मंत्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि अलौली अंचल में हजारों एकड़ गैर मजरुआ आम व खास तथा झील बकास व नदी से निकली जमीन है, जिस पर अपराधियों व भू- माफिया का कब्जा है. उसे मुक्त कराकर हम संघर्ष के बदौलत गरीबों में बांटेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार में बिना चढ़ावा सरकारी दफ्तर में कोई काम नहीं होता है. इसलिए अलौली अंचल में हजारों भूमिहीन परिवार को अभी भी बासगीत का पर्चा नहीं दिया गया है, किसान यूरिया व डीएपी खाद्य की मार झेल रही है. सरकार को 2025 में उखाड़ फेंकेंगे. सभा को संबोधित करते हुए बखरी विधायक सूर्यकांत पासवान ने कहा कि लाल झंडा गरीबों की पार्टी है. इसे मजबूत करने की जरूरत है. तभी हम अपने जन समस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार से लड़ पाएंगे. आमसभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडे ने कहा कि बिहार अनेक तरह के संकट के बादल में फंसता जा रहा है. आम जनता केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की पूंजीपति नीति में फंसती जा रही है. आम आदमी खासकर गरीब, दलित, किसान सरकार की शोषणकारी नीतियों से परेशान हो गया है. इसलिए एनडीए सरकार से मुक्ति चाहती है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करो ताकि 2025 में नीतीश एनडीए की सरकार को हम उखाड़ फेंक सके. मौके पर सहायक जिला मंत्री पुनीत मुखिया ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संघर्षों के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया. आमसभा को संबोधित सीपीआई के कार्यकारी सदस्य सह जिला परिषद सदस्य रजनीकांत कुमार, अंचल मंत्री मनोज सदा, बिहार राज्य परिषद सदस्य प्रयागचंद्र मुखिया, शिव साहनी, एटक नेता रमेश चंद्र चौधरी आदि मौजूद थे.
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