खतरे के निशान से ऊपर बह रही कोसी, बढी प्रभावित टोले के लोगों की धड़कनें

खतरे के निशान से ऊपर बह रही कोसी
बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के कोसी नदी में बीते एक सप्ताह से लगातार हो बढ़ोतरी से प्रभावित इलाके के लोगों की धड़कनें तेज हो गई है. वहीं खतरे के निशान से ऊपर बह रही कोसी का पानी निचले इलाके में पूरी तरह फैलकर बाढ की स्थिति उत्पन्न कर दी है. हालांकि बीते दो दिनों से जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है. लेकिन अभी भी कोसी खतरे निशान से करीब 86 सेंटीमीटर ऊपर बहकर अपनी उफान से प्रभावित आबादी को दहला रही है. वहीं उफनाती कोसी नदी का पानी तेजी से निचले क्षेत्रों में फैलकर बाढ की स्थिति उत्पन्न कर दी है. इससे प्रभावित टोले में बाढ़ के संकट को लेकर दहशत बना हुआ है. वहीं दियारा क्षेत्र के निचले भू-भाग पर लगे परवल की फसल एवं पशुचारा लगातार डूबती जा रही है. जिससे बाजारों में रोजमर्रा के लिए आने वाला परवल का आयात घट गया है, एवं मवेशी के लिए पशुचारा की संकट उत्पन्न हो गई है. वहीं कैजरी पश्चिम पार स्थित विद्यालय के चारों तरफ काली कोसी का पानी धीरे-धीरे फैल रहा है. इसके कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने में काफी परेशानियों से जुझना पड़ रहा है. विदित हो कि कंजरी पश्चिम पार की आबादी एक हजार से अधिक है एवं उक्त टोले के लोग बारहमासी नाव के सहारे ही आवाजाही करने को विवश है. जबकि बाढ बरसात में नदी में जलस्तर की बढ़ोतरी होते ही इनकी परेशानी काफी बढ जाती है. वहीं बलैठा पंचायत के डुमरी घाट, मुनि टोला एवं नवटोलिया समीप उफान भरती कोसी लोगों को रतजगा के लिए विवश कर दिया है तो वहीं इतमादी के गांधीनगर एवं पचबीघी के लोग बाढ के संकटों से जुझते नाव से आवाजाही करने को विवश है. इसके अलावे कुर्बन, दिघौन के निचले इलाके में बाढ़ का पानी फैलने से धान की फसल डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. वही प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि बाढ़ के पानी में निचले भू-भाग डूब जाने से मवेशी के लिए पशुचारा का संकट उत्पन्न हो गया है. इसके कारण संबंधित पशुपालक अपने मवेशी लेकर ऊंचे शरणस्थली की ओर पलायन करने को विवश है. इस संबंध में बाढ प्रमंडल टू के जेई मणिकांत कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार बीते दो दिन थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन नदी का जलस्तर सोमवार को भी बलतारा गेज पर खतरे के निशान से करीब 86 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया. इन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 6 बजे कोसी नदी का जलस्तर 34.71 सेंटीमीटर दर्ज हुई, जबकि खतरे का निशान 33.85 सेंटीमीटर समुद्र तल से चिह्नित किया गया है. वहीं लगातार हो रही कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी पर पैनी नजर बनाए विभागीय कर्मी एवं जिला प्रशासन की टीम पूरी तरह चौकस है एवं संभावित बाढ़ के खतरे से निबटने के लिए सभी आवश्यक तैयारी कर अलर्ट मोड में है. इन्होंने बताया कि खतरे की स्थिति अभी नहीं है एवं लगातार नदी के जलस्तर एवं संभावित खतरे पर विभाग अलर्ट मोड में है.
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