खगरिया में भीषण गर्मी से सूना पड़ा अगुवानी गंगा घाट, यात्रियों की कमी से नाविक और दुकानदार परेशान

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 24 May 2026 11:59 AM

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Khagaria Heatwave Agwani Ganga

Khagaria Ghat Heatwave: खगरिया के परबत्ता में तेज धूप का बड़ा असर. गंगा घाट पर घट गई यात्रियों की भीड़, रोजी-रोटी पर संकट गहराया

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Khagaria Ghat Heatwave. खगरिया में पलटु झा की रिपोर्ट. अगुवानी गंगा घाट इन दिनों भीषण गर्मी और तेज धूप की मार झेल रहा है. लगातार बढ़ते तापमान का असर अब घाट की रौनक पर भी साफ दिखाई देने लगा है. घाट पार करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे नाविकों और घाट किनारे छोटे कारोबार करने वाले दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है.

दोपहर होते ही सुनसान हो जाता है घाट

स्थानीय नाविकों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से घाट पर यात्रियों की आवाजाही लगातार कम हो रही है. आम दिनों में सुबह से शाम तक जहां लोगों की भीड़ लगी रहती थी, वहीं अब दोपहर के समय पूरा घाट लगभग सुनसान नजर आता है.

नाविकों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं. इसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ा है. कई नाविकों ने बताया कि रोजाना होने वाले खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है.

दुकानदारों की बिक्री पर भी पड़ा असर

घाट के आसपास चाय, नाश्ता और अन्य छोटी दुकानें चलाने वाले दुकानदार भी इन दिनों मायूस हैं. दुकानदारों का कहना है कि यात्रियों की संख्या कम होने से बिक्री में भारी गिरावट आई है.

स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक पहले जहां दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती थी, अब लंबे समय तक दुकानें खाली पड़ी रहती हैं. इससे उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ने लगी है.

गर्म हवाओं से लोग घरों में कैद

परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि तापमान में कमी आने और मौसम सामान्य होने के बाद ही घाट पर यात्रियों की संख्या फिर से बढ़ सकती है.

मौसम बदलने का इंतजार

घाट से जुड़े लोगों को अब मौसम में बदलाव का इंतजार है. नाविकों और दुकानदारों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में गर्मी कम नहीं हुई, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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