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चिकित्सक ने अनुसाशनहीनता व लापरवाही की चरम सीमा की पार

Updated at : 08 Nov 2025 8:01 PM (IST)
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चिकित्सक ने अनुसाशनहीनता व लापरवाही की चरम सीमा की पार

गलत दवा देकर व डांट-फटकार लगाकर भगाया

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गलत दवा देकर व डांट-फटकार लगाकर भगाया

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से शिकायत भी रहा असफल

गोगरी. अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी व लापरवाही चरम पर है. जिसके कारण मरीज परेशान हैं. शनिवार को महिला मरीज चर्मरोग की इलाज कराने अस्पताल पहुंची तो चिकित्सक ने अन्य बीमारी का दवा देकर भगा दिया. थाना क्षेत्र के पितोंझिया गांव निवासी देवेन्द्र यादव ने अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश को आवेदन देकर चिकित्सक डॉ. शोभा रानी प्रसाद के विरूद्ध शिकायत किया है. बताया है कि पत्नी मीरा देवी को शनिवार की दोपहर में अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज कराने आयी थी. पत्नी के पूरे शरीर में दिनाई और दाना-दाना निशान हो गया है. जिसको लेकर उन्होंने अस्पताल में तैनात डॉ. शोभा रानी प्रसाद से जांच करायी. लेकिन, डॉ. शोभा रानी ने बीमारी संबंधित दवाई नहीं लिखकर अन्य कई बीमारी का दवाई लिख दी. जब इसकी शिकायत प्रभारी से किया तो उसके बाद भी डॉ. शोभा रानी ने दवाई नहीं दी. कहने के बावजूद उन्होंने डांटकर-फटकार कर अस्पताल से भगाने लगी. इस प्रकार देखा जाये तो मनमानी, लापरवाही व अनुशासहीनता की चरम सीमा को चिकित्सक ने पार कर दिया.

आखिरी उम्मीद होती है सरकारी अस्पताल

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीज को सरकारी अस्पताल आखिरी उम्मीद होती है. जहां मरीज अपना इलाज करवाने जाते हैं. यदि वहां भी मरीजों के बीमारी का इलाज करने में चिकित्सक लापरवाही बरतने लगे तो फिर मरीज कहां जाए. ऐसे में सक्षम लोग तो कही भी उपचार करा लेते हैं, लेकिन असहाय गरीब व जरूरतमंद लोग चिकित्सा से भी वंचित रह जाते हैं और गंभीर बीमारी रहे तो मौत भी संभव है. चिकित्सक की लापरवाही मात्र से सरकारी अस्पताल में करोड़ों का खर्च, बड़ा-बड़ा भवन व चिकित्सक से लेकर सभी कर्मी की तैनाती व्यर्थ है. बताया जाता है कि अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों इलाज कराने पहुंचते हैं, चिकित्सक प्रति मरीज पांच मिनट का भी समय नहीं देते हैं और ना ही मरीज से बीमारी संबंधित पूछते हैं. एक बार मरीज से पूछकर दवा लिखकर भेज देते है. जिसके कारण चिकित्सक असंतुष्ट होते हैं.

बीमारी कोई भी दवा एक जैसा, अस्पताल का बना फैशन

मरीजों ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में तैनात डॉ. शोभा रानी प्रसाद द्वारा एक ही तरीके की दवाइयां देती है. मरीजों ने बताया कि बीमारी कोई भी हो, दवाई एक ही जैसा दिया जाता है. बताया कि मरीजों को खासकर, पारासिटामोल जो बुखार के लिए उपयोग होता है. डिक्लोफिनैक ये दर्द की दवा है और इसका लीवर और किडनी पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है. एमोक्सी एक एंटीबायोटिक है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता घटाता है. लिबोसिट्रिजिन एक सर्दी की दवा जिसका अधिक सेवन करने पर गला नाक सूखने लगता है. पेंटोप्राजोल एक गैस की दवा है इसका साइड इफैक्ट कम है. सामान्य और गंभीर बीमारियों में इनके द्वारा एक ही तरह की दवाई मरीज को दिया जाता है.

कहते हैं अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी

अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि मरीज के परिजन द्वारा डॉ. शोभा रानी प्रसाद के विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुआ है. मामले की जांच कर वरीय पदाधिकारी को सूचित किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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