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एक अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट, 30 सितंबर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

Updated at : 27 Jun 2025 10:10 PM (IST)
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एक अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट, 30 सितंबर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

एक अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट, 30 सितंबर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

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वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शुरू

घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे मतदाता सूची का सत्यापन

खगड़िया. भारत निर्वाचन आयोग के गाइड लाइन के अनुरूप जिले में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया. 26 जुलाई तक सर्वेक्षण कार्य होगा. एक अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जायेगा. शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में प्रेसवार्ता कर बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को किया जायेगा. गहन पुनरीक्षण कार्य का मुख्य आदेश है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल हैं. ताकि वे मताधिकार का प्रयोग कर सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वोटर लिस्ट में कोई अपात्र मतदाता शामिल ना हो. इसके लिए पूरी पारदर्शिता के साथ वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने व हटाने की प्रक्रिया किया जाना है. विभागीय जानकारी के अनुसार बिहार में आयोग के द्वारा वर्ष 2003 में अंतिम गहन पुनरीक्षण का कार्य कराया गया था.

वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण कार्य का आदेश

बताया गया कि बढ़ते शहरीकरण लगातार पलायन युवा नागरिकों का वोट देने के लिए पात्र होना, मृत निर्वाचकों की सूची प्राप्त न होना व वोटर लिस्ट में विदेशी अवैध अप्रवासी के नाम शामिल होने जैसे विभिन्न कारणों से गहन पुनरीक्षण कराना आवश्यक हो गया है. ताकि वोटर लिस्ट की सत्यनिष्ठा व त्रुटिरहित वोटर लिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.

बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सर्वेक्षण

गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ सत्यापन के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे. यह कार्य 26 जुलाई तक किया जायेगा. इसके तहत घर घर तक फार्म वितरित करने व उसे संग्रहित करने का काम करेंगे. सभी फॉर्म को प्रतिदिन इसीआई-नेट पर अपलोड किया जायेगा.

फाॅर्म के साथ देना होगा स्व अभिप्रमाणित दस्तावेज

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फाॅर्म के साथ साथ जन्मतिथि व जन्म स्थान से संबंधित घोषणा पत्र भी देना है. इसके लिए आयोग ने 11 प्रकार के दस्तावेज को सूचीबद्ध किया है.

केंद्रीय, राज्य, पीएसयू के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी को निर्गत कोई पहचान पत्र या पीपीओ

सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू द्वारा भारत में एक जुलाई 1987 से पूर्व निर्गत किया गया कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज

सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र

पासपोर्ट

मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत मैट्रिकुलेशन व शैक्षणिक प्रमाण पत्र

सक्षम राज्य प्राधिकार द्वारा निर्गत स्थायी निवास प्रमाण पत्र

वन अधिकारी प्रमाण पत्र

सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत ओबीसी, एससी-एसटी या कोई जाति प्रमाण पत्र

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ( जहां उपलब्ध हो )

राज्य, स्थानीय प्राधिकार द्वारा तैयार किया गया पारिवारिक रजिस्टर

सरकार की कोई भी भूमि, मकान आवंटन प्रमाण पत्र

दावा व आपत्ति की जांच करेंगे एईआरओ

किसी भी राजनीतिक दल या वोटर द्वारा उठाए गए किसी भी दावे व आपत्ति के मामले में अब एईआरओ का समाधान होने से पहले एईआरओ इसकी जांच करेंगे. जिन दस्तावेजों के आधार पर एईआरओ का समाधान होता है. उन्हें आईसीआई-नेट पर भी अपलोड किया जाएगा. बताया गया कि एईआरओ के आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी व मुख्य निर्वाचन अधिकारी से सक्षम अपील की जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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