चकप्रयाग के महावीर मंदिर की महिमा अपार, गंगा कटाव के बीच भी अडिग रही आस्था

Updated at : 19 Mar 2026 6:53 PM (IST)
विज्ञापन
चकप्रयाग के महावीर मंदिर की महिमा अपार, गंगा कटाव के बीच भी अडिग रही आस्था

चकप्रयाग के महावीर मंदिर की महिमा अपार, गंगा कटाव के बीच भी अडिग रही आस्था

विज्ञापन

रामनवमी पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, रात्रि में ध्वजारोहण की अनूठी परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र

परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र के लगार पंचायत के चकप्रयाग गांव स्थित महावीर मंदिर की महिमा अगम अपार मानी जाती है. यह अतिप्राचीन मंदिर आज भी अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है, जहां पूजा-पाठ व ग्रामीणों के बीच पारस्परिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिलती है. मान्यता है कि भगवान महावीर के दरबार में सच्चे मन से माथा टेकने वाले भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है. तीन बार गंगा कटाव का दंश झेलने के बावजूद गांव के लोगों ने अपनी धार्मिक परंपरा को न सिर्फ जीवित रखा, बल्कि उसे और मजबूत बनाया है.

रामनवमी के अवसर पर मंदिर प्रांगण में सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भव्य ध्वजारोहण किया जाता है. चकप्रयाग निवासी दशरथ दास, श्रीनिवास चौधरी उर्फ कारे, सत्यदेव चौधरी, प्रमोद चौधरी, राधेश्याम गुप्ता, अशोक गुप्ता, संजय राय, शशिकांत चौधरी, अनिल चौधरी, सरबोध चौधरी, कौशल किशोर चौधरी, पुरुषोत्तम दास, अनुज चौधरी और विजय राय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्वर्गीय पोलो दास के परिजनों द्वारा नवमीं तिथि प्रवेश के साथ ही ध्वजारोहण की परंपरा निभाई जाती है. खास बात यह है कि यहां रात्रि में ही ध्वजारोहण किया जाता है.

स्वप्न में आए थे बजरंगबली, महामारी से मिली थी मुक्ति

ग्रामीणों ने बताया कि स्वर्गीय पोलो दास भगवान महावीर के परम भक्त थे. एक बार इलाके में महामारी फैलने के दौरान उन्हें स्वप्न में भगवान महावीर ने गांव की सुरक्षा का आश्वासन दिया था. अगले दिन मंदिर परिसर में गदा का अवशेष मिला, जिसे आज भी श्रद्धापूर्वक देखा जाता है. तभी से यह परंपरा और भी मजबूत होती चली गयी. हर वर्ष रामनवमी पर ध्वजारोहण की संख्या बढ़ती जा रही है. पिछले वर्ष यहां एक हजार से अधिक ध्वज चढ़ाए गए थे. गांव के अलावे अन्य स्थानों पर बसे लोग भी इस अवसर पर पहुंचकर श्रद्धा के साथ ध्वजारोहण करते हैं.

26 मार्च को होगा उत्सव

इस वर्ष ध्वजारोहण की शुरुआत 26 मार्च की देर शाम से होगी, जो पूरी रात जारी रहेगी. इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन होगा. पूरे गांव में दो दिनों तक उत्सव जैसा माहौल बना रहेगा. आस्था और भक्ति के इस संगम को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.

विज्ञापन
RAJKISHORE SINGH

लेखक के बारे में

By RAJKISHORE SINGH

RAJKISHORE SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन