कोसी के कटाव से जुगाड़ पुल पर खतरा

Updated at : 05 Jan 2017 5:37 AM (IST)
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कोसी के कटाव से जुगाड़ पुल पर खतरा

कटाव पर अतिशीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया तो हो सकता है आवागमन ठप बेलदौर : कोसी नदी पर क्षतिग्रस्त डुमरी पुल समीप बनी जुगाड़ पुल पर कोसी के कटाव के कारण संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कटाव पर अतिशीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया तो कोसीवासियों की अंतिम आस जुगाड़ पुल कटाव की भेंट चढ़ […]

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कटाव पर अतिशीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया तो हो सकता है आवागमन ठप

बेलदौर : कोसी नदी पर क्षतिग्रस्त डुमरी पुल समीप बनी जुगाड़ पुल पर कोसी के कटाव के कारण संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कटाव पर अतिशीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया तो कोसीवासियों की अंतिम आस जुगाड़ पुल कटाव की भेंट चढ़ सकती है. मालूम हो कि कोसी के कटाव पर नियंत्रण पाने के लिए निरोधात्मक कार्य जुगाड़ पुल संचालकों को करना पर रहा है.
पुल को कटाव से बचाने के लिए प्रत्येक दिन मजदूर, बोरी, मिट्टी, बांस लकड़ी रस्सी आदि पर खर्च करना पर रहा है. जुगाड़ पुल के संचालक ने बताया कि कटाव निरोधी कार्य में अगर सरकार ने सहयोग नहीं किया तो यह सौदा डाक लेने वाले सोसाइटी के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है. जिससे शेष बचे राजस्व को जमा करने के लिए कमेटी को कर्ज भी लेना पर सकता है. इसके साथ ही कभी भी नाव के जुगाड़ पुल का उत्तरी पहुंच सड़क कटाव का शिकार हो सकता है.
जिससे आवाजाही भंग होने की प्रबल आशंका उत्पन्न हो गई है. जानकारी के अनुसार बीते दो सप्ताह से जुगाड़ पुल के समीप कोसी का भीषण कटाव हो रहा है. लगभग 200 फीट में चल रहे कटाव का सीधा निशाना जुगाड़ पुल का उत्तरी पहुंच पथ है. हालांकि इस पर अंकुश के लिए दिन रात दर्जनों मजदूर कटाव निरोधी कार्य में लगे हुए हैं. लेकिन इस पर अब तक अंकुश लग पाना संभव नहीं हो पाया है.
बिगड़ती स्थिति में अगर सुधार नहीं हुआ तो जुगाड़ पुल पर कभी आवागमन बंद हो सकती है. सैरात के बंदोबस्त लेने वाली कमेटी के अध्यक्ष जागबली चौधरी ने कहा कि 55 लाख रुपये का राजस्व सरकार को तीन माह के अंदर चुकता करना है. इसके साथ ही इसी सैरात पर अलग से कील गड़ाई की वसूली की जा रही है. इस पर स्थानीय प्रशासन रोक नहीं लगा रही है. जिससे कमेटी को घाटा लग रहा है. प्रशासन ने अगर कील गड़ाई एवं कटाव पर रोक नहीं लगायी तो कमेटी को इस सेवा को समय से पहले बंद करने के लिए मजबूर होना पर सकता है. बहरहाल इस सेवा को किसी तरह बहाल रखा जा रहा है. लेकिन स्थिति को भांप नाव पुल संचालक समेत आम लोगों की निगाह जिला प्रशासन के कार्रवाई पर टिकी है .
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