खगड़िया की बेटियों ने मारी छलांग
Updated at : 20 Dec 2016 8:27 AM (IST)
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आंगन की दहलीज लांघ कर अब गांव की बेटियां भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिला कर चलने को तैयार है़ मुंबई के मशहूर डिजाइनर जावेद हबीब के टीम की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन जया शर्मा से प्रशिक्षण पाकर अब खगड़िया की 150 बेटियां भी उड़ान भरने को बेताब है. खगड़िया : किसी ने सच ही […]
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आंगन की दहलीज लांघ कर अब गांव की बेटियां भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिला कर चलने को तैयार है़ मुंबई के मशहूर डिजाइनर जावेद हबीब के टीम की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन जया शर्मा से प्रशिक्षण पाकर अब खगड़िया की 150 बेटियां भी उड़ान भरने को बेताब है.
खगड़िया : किसी ने सच ही कहा कि फासलों से हो ज्यादा हौसले बुलंद, तो खुद व खुद मंजिल की ओर बढ़ जाते हैं कदम, कुछ इसी तरह कल तक सिसक रही गांव की बेटियां अब जमाने के साथ उड़ान भरने को तैयार है. इस सपने को सच कर दिखाया है मुंबई की ट्रिपल आइएम नामक संस्था ने. दीनदयाल ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत ग्रामीण इलाकों की 150 बेटियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाये गये हैं. स्किल डेवलपमेंट के तहत अब बेटियां अंग्रेजी में हाय-हेलौ व गुड मार्निंग व थैंक यू बोल रही है. सचमुच यह परिवर्तन आधी आबादी के सपने साकार होने जैसे हैं. जीविका के कम्यूनिकेशन मैनेजर राजीव कुमार बताते हैं कि कई युवतियां तो प्रशिक्षण से पहले ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पाती थी. पशुओं को चारा खिलाना या गोइठा ठोंकने जैसे काम को जिंदगी समझने वाली इन बेटियों के सपने को पंख लग गये हैं.
मुंबई से आयी प्रसिद्ध ब्यूटीशियन जया शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण पाकर अब ये बेटियां खुद के पैरों पर खड़ा होने लायक बन गयी हैं.
ब्यूटीशियन के प्रशिक्षण से आयी खुशहाली : ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवतियों को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है. इसी के तहत ग्रामीण युवतियों को ब्यूटीशियन, सॉफ्ट स्किल के तहत अंग्रेजी बोलना, बातचीत करने में व्यवहार कुशलता, बिजनेस के गुर, ग्राहकों की ढील करने का स्किल डेवलपमेंट, केटरिंग, कम्प्यूटर का ज्ञान, होटल केटरिंग आदि जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी क्रम में जीविका समूह से जुड़ी ग्रामीण इलाकों से आने वाली 150 बेटियों को ट्रिपल आइएम नामक मशहूर संस्था की ओर से गोगरी के रामपुर में ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया है. तीन महीने का प्रशिक्षण पाने वाली युवतियों को रोजगार के लिये आर्थिक मदद भी किये जाने की तैयारी शुरू हो गयी है. बताया जाता है कि एक युवती को प्रशिक्षण देने में कुल 15 हजार रुपये खर्च किये गये हैं. ताकि आधी आबादी को आत्मनिर्भर बना कर उनके चेहरे पर खुशहाली लाया जा सके. साथ ही समाज की भागीदारी में अहम भूमिका निभा सके.
अब मुनिया भी बोल रही गुड मार्निंग : कल तक ठीक से हिंदी नहीं बोलने वाली सोनी अब इंगलिश में बात करती है तो लोगों की मुंह से सहज ही निकलता है, वाह. सोनी जैसी सैकड़ों लड़कियों की बदरंग जिंदगी में रंग भरने के लिये कौशल विकास योजना मील का पत्थर साबित होगा. कल तक चूल्हा-चौकी को ही जिंदगी मानने वाली बेटियां अब प्रशिक्षण पाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ गयी है. जानकारों की मानें तो प्रशिक्षण पाने वाली बेटियों को मुंबई के मशहूर डिजाइनर की टीम के साथ काम करने का मौका मिल सकता है.
लेडिज ब्यूटी पार्लर में बाल कटिंग, मसाज, आइ-ब्रो बनाने, स्कीन के अनुसार क्रीम का उपयोग सहित ब्यूटीशियन की बारिकियों से रुबरु होकर खगड़िया की बेटियों ने आत्मनिर्भरता की राह में लबी छंलाग मार कर दिखा दिया है कि अगर हौसले बुलंद हो तो सारी बाधा पार कर मंजिल पाया जा सकता है.
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