चिकित्सक हो गये फरार सख्ती. मरीज की मौत को लेकर गोगरी थाने में प्राथमिकी दर्ज

Updated at : 02 Dec 2016 6:33 AM (IST)
विज्ञापन
चिकित्सक हो गये फरार सख्ती. मरीज की मौत को लेकर गोगरी थाने में प्राथमिकी दर्ज

गोगरी रेफरल अस्पताल प्रभारी के निजी क्लिनिक में मरीज की मौत के बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. गिरफ्तारी के डर से चिकित्सक निजी क्लिनिक बंद कर फरार हैं. इससे पहले भी कई निजी नर्सिंग होम में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आ चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग […]

विज्ञापन

गोगरी रेफरल अस्पताल प्रभारी के निजी क्लिनिक में मरीज की मौत के बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. गिरफ्तारी के डर से चिकित्सक निजी क्लिनिक बंद कर फरार हैं. इससे पहले भी कई निजी नर्सिंग होम में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आ चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल पायी है.

खगड़िया : एक बार फिर निजी नर्सिंग होम के चंगुल में फंस कर एक हंसता-खेलता परिवार फिर बरबाद हो गया. गौछारी के संजय चौरसिया को क्या पता था जिस डॉक्टर के पास वह बीमारी का इलाज कराने जा रहा है वहां जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जाता है. पूरा मामला गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार सिन्हा के निजी नर्सिंग होम से जुड़ा हुआ है. जहां 15 नवंबर को गौछारी के संजय चौरसिया हल्का सर्दी खांसी होने पर इलाज के लिये पहुंचे थे.
इलाज के नाम पर लापरवाही के कारण संजय मौत के मुंह में चला गया. मरीज की मौत के बाद दिलासा देने की बजाय चिकित्सक ने अपने कंपाउंडर की मदद से मरीज का पुरजा सहित सारे कागजात भी छीन लिया. पूरे प्रकरण में मृतक संजय के भाई के बयान पर गोगरी थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या (193/16) दर्ज होने के बाद मरीज का इलाज करने वाले गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ अरविंद सिन्हा अपना निजी क्लिनिक बंद कर फरार हैं. साथ ही इस मामले में अभियुक्त बनाये गये दवा दुकानदार (मुरारी) सहित कंपाउंडर भी गायब है.
खुद बाइक चला कर क्लिनिक पहुंचा था संजय
संजय के भाई सुधाकर चौरसिया ने बताया कि 15 नवंबर को सर्दी -खांसी होने पर डॉ अरविंद कुमार सिन्हा के निजी क्लिनिक में इलाज के लिये खुद बाइक चलाकर संजय (मृतक) पहुंचा था. वह चल फिर रहा था. इस बीच डॉ. अरविंद ने ब्लड जांच व एक्सरे करवाने को कहा. जो करवाने सुधाकर चौरसिया चले गये. इस बीच उनके मोबाइल पर संजय का फोन आया अस्पताल जल्दी आइये. वह भागा-भागा क्लिनिक में पहुंचा तो भाई को स्लाइन चढ़ाया जा रहा था. डॉक्टर अरविंद के बारे में पता करने पर जानकारी मिली कि वह गोगरी रेफरल अस्पताल चले गये हैं. इस बीच संजय के पेट में दर्द बढ़ गया. मौके पर मौजूद कंपाउंडर ने तीन-चार सूई लगायी लेकिन संजय चौरसिया पेट दर्द से छटपटाता रहा और थोड़ी ही देर में उसने दम तोड़ दिया.
बिलख रहे मासूम सिसक रहे परिजन
संजय की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उसके तीन छोटे -छोटे बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया. जिसके बाद उसके परिवार का भरण पोषण कैसा होगा.पत्नी ललिता देवी अभी भी गुमशुम उदास हैं और रह रह कर उसके चीत्कार को सुन ग्रामीणों की आंखे भी नम हो रही है. मृतक के मासूम बेटे सुशांत (7 वर्ष), सोनू (5 वर्ष), शुभम (3 वर्ष) बिलख रहे हैं. वहीं परिजन व पत्नी की सिसकियां सुन लोग डॉक्टर को कोस रहे हैं.
मामला गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक के निजी क्लिनिक में 15 नवंबर को एक मरीज की मौत का
आधा घंटा पहले बाइक चला कर इलाज कराने निजी नर्सिंग होम में आया था संजय, पानी चढ़ाते ही तोड़ दिया दम
मरीज की मौत होते ही डर से मृतक संजय के भाई से चिकित्सक ने छीन लिया था इलाज का पुरजा
संजय की मौत के बाद पत्नी व तीन छोटे-छोटे बच्चों पर टूटा गमों का पहाड़, बिलख रहे मासूम, सिसक रहे परिजन
डॉ अरविंद के निजी नर्सिंग होम में मरीज की मौत के बाद पुलिस कर रही छानबीन
डॉक्टर ने चढ़ाया था स्लाइन, ब्लड जांच व एक्सरे करवाने को कहा था
गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी के निजी क्लिनिक में गौछारी के संजय चौरसिया की मौत के बाद हंगामा को भांप चिकित्सक व कंपाउंडर ने मिल कर मरीज के इलाज का पुरजा छीन लिया. मौके पर हो-हंगामा बढ़ने पर एसडीओ, डीएसपी के पहुंचने पर उन्होंने जब पुरजा छीन लेने की बात बतायी तो दबाव देकर शव को पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेज दिया गया. मृतक के भाई ने सवालिया लहजे में कहा कि जो आधा घंटा पहले बाइक चला कर खुद क्लिनिक पहुंचा. जहां पानी चढ़ाने व सूई लगाने के बाद अचानक छटपटा कर कैसे दम तोड़ सकता है. मृतक के भाई सुधाकर ने साफ लहजे में कहा कि निजी क्लिनिक में इलाज में लापरवाही के कारण उसके भाई की मौत हुई है. भाई की जिंदगी बचाने आया था लेकिन डॉक्टर व कंपाउंडर ने मिल कर उसे मौत की नींद सुला दिया.
निजी नर्सिंग होम में मरीज की मौत के बाद से गोगरी रेफरल अस्पताल प्रभारी गायब हैं. फिलहाल दूसरे चिकित्सक को प्रभार सौंप कर काम चलाया जा रहा है. ज्यादा दिनों तक रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ. अरविंद सिन्हा के गायब रहने पर कार्रवाई के लिये विभाग को लिखा जायेगा.
जय सिंह, डीएम.
ये सच है कि संजय चौरसिया अपने भाई के साथ मेरी क्लिनिक में इलाज के लिये आये थे. बाद में स्थिति गंभीर होने पर उसे रेफर कर यह बात परिजनों को बता दिया गया लेकिन वह मरीज को लेकर नहीं गये और उसकी मौत हो गयी. मेरे नर्सिंग होम में इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं.
डॉ अरविंद कुमार सिन्हा,
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन