सुंदर दिखने की चाह में फल-फूल रहा ब्यूटी पार्लर का कारोबार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Jun 2016 1:55 AM (IST)
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खगड़िया : सुन्दर दिखना और अच्छा कहलाना किसे पसंद नहीं. खासकर तो महिलाएं सुन्दर दिखने और अच्छा कहलाने की जैसे दिवानी सी हो गई है. सुन्दर दिखने के लिए वे तरह-तरह के जतन करती हैं. मुल्तानी मिट्टी से लेकर स्पा तक का सफर महिलाओं ने सुन्दर दिखने के लिए प्रयास करते दिख रही है. इधर […]
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खगड़िया : सुन्दर दिखना और अच्छा कहलाना किसे पसंद नहीं. खासकर तो महिलाएं सुन्दर दिखने और अच्छा कहलाने की जैसे दिवानी सी हो गई है. सुन्दर दिखने के लिए वे तरह-तरह के जतन करती हैं. मुल्तानी मिट्टी से लेकर स्पा तक का सफर महिलाओं ने सुन्दर दिखने के लिए प्रयास करते दिख रही है.
इधर ब्यूटी पार्लर संस्कृति के विकसित होने के बाद तो सुन्दर दिखने के लिए महिलाओं की जमघट ब्यूटी पार्लरों में दिख जाया करती है. नतीजा है कि ब्यूटी पार्लर का कारोबार भी फल-फूल रहा है.
सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कंपनियों की है बाजार पर दखल
महिलाओं के सुन्दर दिखने व कहलाने की चाह ने ही सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कई कंपनियों को बाजार में जगह दे रखा है. कुछ कंपनियां तो सात दिन, पन्द्रह दिन में सुन्दर व गोरा दिखने का वादा कर अपना उत्पाद बेच रही है. गार्नियर, लेक्मे, पोंडस, ईमामी आदि कंपनियों का सौंदर्य प्रसाधन बाजार पर जबरदस्त कब्जा है. महिलाएं इन उत्पादों पर भरोसा कर रही हैं और सुन्दर बनने व दिखने के लिए इन उत्पादों का उपयोग भी कर रही हैं. बढ़ते डिमांड का ही कारण है कि आये दिन बाजारों में सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें खुल रही हैं.
मेंहदी लगवाने के लिए भी होता ब्यूटी पार्लर का रूख : शादी-विवाह के अवसर पर लड़की को सजाने व संवारने की परंपरा सी रही है. पहले घर पर ही महिलाएं लड़की को सजाती-संवारती थी और मेंहदी लगाती थी. अब धीरे-धीरे इस परंपरा पर भी ब्यूटी पार्लर का कब्जा हो गया. शहरी क्षेत्र में तो शादी-विवाह के अवसर पर लड़की को सजाने के लिए भारी-भरकम राशि ली जाती है. सजावट का भी अलग-अलग रेट अलग-अलग ब्यूटी र्पालर में तय है.
यह तो हुई शादी-विवाह के मौके की बात. किन्तु ब्यूटी पार्लर के चलन बढ़ जाने से अब ब्यूटी पार्लर लड़कियों व महिलाओं से गुलजार रहता है. आइब्रो बनाने, बाल कटाने, मसाज कराने आदि के लिए महिलाओं व लड़कियों का रूख ब्यूटी पार्लर ही होता है. जहां वे सुन्दर दिखने की चाह में खिंची चली जाती हैं.
शहर की कौन कहे ग्रामीण इलाके में भी खुल रहे ब्यूटी पार्लर
जहां तक ब्यूटी पार्लर के कारोबार की बात है तो खगड़िया बाजार के अलावे गोगरी, परबत्ता, सुदुर बेलदौर गांवों मे भी दर्जनों ब्यूटी पार्लर खुल गये हैं. और छोटे-छोटे बाजारों में भी अब ब्यूटी पार्लर ने अपनी धाक जमा ली है. अलग-अलग संस्थाओं के द्वारा संचालित प्रशिक्षण केन्द्र भी महिलाओं व लड़कियों को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. नतीजा है कि प्रशिक्षण प्राप्त लड़कियां आत्म निर्भर व स्वरोजगारी बनने की दिशा में ब्यूटी पार्लर के व्यवसाय को अपना रोजगार बना रही हैं.
कहती है ब्यूटीपार्लर संचालक: ब्यूटीपार्लर संचालक सुप्रिया सिंह ने बताया कि फैशन के बढ़ चले चलन के बीच आज हर महिला व लड़की सुन्दर दिखना व कहलाना चाहती है. सुन्दर दिखने के लिए वह तरह-तरह के सौंदर्य उत्पाद का उपयोग करती है. ब्यूटी पार्लर में उनके मन माफिक सेवा मिल जाती है.
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