पशुपालकों को गाय खरीदने के लिए मिलेगा ऋण

Updated at : 16 Oct 2017 1:19 PM (IST)
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पशुपालकों को गाय खरीदने के लिए मिलेगा ऋण

सभी वर्गों के किसानों, दुग्ध उत्पादकों, बेरोजगारों को पशुपालन के क्षेत्र में स्वरोजगार दिलाने के लिए फिर से समग्र गव्य विकास योजना के तहत ऋण मुहैया कराया जायेगा. खगड़िया : पैसे के अभाव में गाय की खरीदारी नहीं कर पाने वाले व इस कारोबार से जुड़े लोगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने […]

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सभी वर्गों के किसानों, दुग्ध उत्पादकों, बेरोजगारों को पशुपालन के क्षेत्र में स्वरोजगार दिलाने के लिए फिर से समग्र गव्य विकास योजना के तहत ऋण मुहैया कराया जायेगा.
खगड़िया : पैसे के अभाव में गाय की खरीदारी नहीं कर पाने वाले व इस कारोबार से जुड़े लोगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने फिर से समग्र गव्य विकास योजना शुरू की है. पशुपालकों के लिए कुछ वर्ष पूर्व से ही यह योजना चल रही थी, लेकिन इसे बंद कर दिया गया था. वित्तीय वर्ष 17-18 के आरंभ में ही समग्र गव्य विकास योजना को बंद कर दिया था. फिर से अब इस योजना को आरंभ करने का निर्णय लिया गया है.
गव्य विकास निदेशालय पटना के निदेशक ने ऋण व अनुदान मिलने वाली इस योजना को फिर से आरंभ किये जाने को लेकर एलडीएम, गव्य विकास पदाधिकारी एवं इस योजना से जुड़े अन्य पदाधिकारी को पत्र लिखा है. राज्य स्तर से जारी पत्र में इस योजना के उद्देश्य को बताया गया है. निदेशक ने कहा है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी वर्गों के किसानों, दुग्ध उत्पादकों, बेरोजगारों को पशुपालन के क्षेत्र में स्वरोजगार दिलाने एवं आधारभूत संरचना को और बेहतर बनाया जायेगा.
10 गायों तक के िलए ऋण : समग्र गव्य विकास योजना के तहत पात्रता रखने वाले व्यक्ति अधिकतम 10 गायों के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं. कम से कम दो गाय के लिए भी वे ऋण ले सकेंगे. गायों की खरीदारी के लिए सभी वर्गों के लोग आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावे दुग्ध संयंत्र यानी मिल्किंग मशीन, मिल्कोटेस्टर, बल्क मिल्क, कूलर एवं देशी दुग्ध उत्पाद के निर्माण के लिए उपकरण की सामग्री के लिए इस योजना के तहत ऋण दिया जायेगा.
अनुदान के साथ गाय खरीदने के लिए मिलने वाले ऋण से लोगों को यह फायदा होगा कि ये लोग ऋण लेकर और भी उन्नत किस्म की गायें खरीद कर और भी मुनाफा कमा सकते हैं.
साथ ही पूंजी के अभाव में पशुपालन से वंचित रह रहे लोग भी ऋण लेकर गाय खरीद कर इस कारोबार से जुड़ सकेंगे. इधर सरकार के द्वारा इस योजना को फिर से चलाये जाने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की है. पशुपालन कार्य से जुड़े लाभगांव के मुकेश सिंह, अलौली के दीपक कुमार, ओलापुर के विमल यादव, बेला गांव के सुरेश सिंह, बरैय के नरेश सिंह ने कहा कि इससे पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा तो मिलेगा. साथ ही लोगों को भी आर्थिक रूप से सहायता मिलेगी.
स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष सह एलडीएम एसके राय ने कहा कि राज्य स्तर से फिर से इस योजना को हरी झंडी मिली है. इसे आरंभ करने के लिए निर्देश जारी किये गये है. निर्देश के आलोक में सभी बैंकों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गयी है. प्रत्येक माह के 15 वीं तारीख को जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी. जिसमें प्राप्त होने वाले आवेदनों की जांच कर उसे बैंकों के पास भेजा जायेगा.
तीन सदस्यीय टीम गठित
दुग्ध संयंत्र की खरीदारी के लिए लोग पशुपालन विभाग के अलावे नाबार्ड कार्यालय में भी आवेदन देंगे. इन आवेदन की जांच होगी. फिर सब कुछ सही पाये जाने पर आवेदनों की स्वीकृति देकर उसे बैंकों के पास भेजा जायेगा. आवेदन की जांच व स्वीकृति के लिए जिला स्तर पर एलडीएम की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग समिति गठित है. जिसमें सचिव सदस्य के रूप में जिला गव्य विकास पदाधिकारी एवं जिला मत्स्य व उद्योग पदाधिकारी शामिल है.
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