स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें युवा

Updated at : 12 Jan 2026 7:45 PM (IST)
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स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें युवा

स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें युवा

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– 164 वीं जयंती पर विवेकानंद को किया गया याद कटिहार अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा बिहार राज्य जिला शाखा कटिहार के कार्यालय में जिला अध्यक्ष अरविन्द पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती का आयोजन किया. सर्वप्रथम इनके स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुण्यतिथि अर्पित कर उन्हें नमन किया. अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार ने अपने संबोधन में कहा की स्वामी जी की गुरु शिष्य परम्परा की मिशाल आज भी प्रासंगिक व अनुकरणीय है. कहा, प्रतिमा धरोहर होती है. आदर्श जिसके अनुगामी होते है. ज्ञान जिसका सहोधर होता है. विवेक और सयम जिसकी पूजा करते है. सब कुछ होते भी संत होता है. उस व्यक्ति का नाम स्वामी विवेकानंद है. कहा कि स्वामी जी शिकागो सम्मलेन के वे वेदांत धरोहर बन गये. भारत को समझने के लिए स्वामी विवेकानंद को पढ़ना होगा. इनके जन्मदिन को राष्ट्रिय युवा दिवस में रूप में मनाया जाता है. वे युवाओ का प्रेरणा स्रोत है. वरीय अधिवक्ता राजेंद्र मिश्र, रामविलास पासवान, शिवनारायण सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, जदयू नेता रमाकांत राय, दिलीप कुमार आदि ने स्वामी जी के व्यक्तितत्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा किया. अध्यक्षता करते अध्यक्ष पटेल ने कहा कि युवाओं को इनसे प्रेरणा ग्रहण करके उनके विचारों व आदर्शो को आत्मसात करने की जरुरत है. इक्कीसवीं सदी में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता व अनुकरणीय है.

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