जान जोखिम में डाल बांस की चचरी पुल से आवागमन को मजबूर ग्रामीण

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जान जोखिम में डाल बांस की चचरी पुल से आवागमन को मजबूर ग्रामीण

जान जोखिम में डाल बांस की चचरी पुल से आवागमन को मजबूर ग्रामीण

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– छह वर्षों से टूटी सड़क व पुलिया निर्माण की मांग अधर में, बरसात में नाव ही बनती है सहारा बारसोई बारसोई प्रखंड के आबादपुर थाना क्षेत्र के धर्मपुर पंचायत के पलासी ग्राम वार्ड संख्या 8 में आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधा के अभाव में जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को विवश हैं. गांव में महानंदा नदी की धारा पर बना बांस का जर्जर चचरी पुल लोगों की मजबूरी बन चुका है. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. ग्रामीणों ने बताया कि पलासी गांव का एक हिस्सा बिहार तो दूसरा हिस्सा पश्चिम बंगाल में पड़ता है. गांव के अधिकांश लोगों की खेती योग्य जमीन पश्चिम बंगाल की सीमा में होने के कारण प्रतिदिन इसी खतरनाक चचरी पुल के सहारे खेतों तक पहुंचना पड़ता है. बरसात में जब महानंदा नदी उफान पर रहती है, तब स्थिति और भयावह हो जाती है. उस समय नाव ही ग्रामीणों का एकमात्र सहारा बन जाती है. खेती-बाड़ी का सामान, खाद, बीज और फसल तक नाव के माध्यम से ढोना पड़ता है. धर्मपुर पंचायत के मुखिया मो. रकीब, वार्ड सदस्य हारून एवं कबीर ने ग्रामीणों के साथ आक्रोश जताते हुए बताया कि चचरी पुल के समीप आबादपुर-पलासी मुख्य सड़क पिछले छह वर्षों से टूटी हुई है. सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कई बार संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व विधायक महबूब आलम ने यहां पक्की पुलिया और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था.वह केवल वादों तक ही सीमित रह गया. अब लोगों की उम्मीदें वर्तमान विधायक संगीता देवी पर टिकी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक गांव की समस्या नहीं बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके की गंभीर जनसमस्या है. जिसका समाधान दोनों राज्यों की सरकारों के समन्वय से ही संभव है. लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क और पुलिया निर्माण की दिशा में पहल नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से अविलंब स्थायी पुल एवं सड़क निर्माण कर क्षेत्रवासियों को राहत देने की मांग की है.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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