दानीपुर में स्कूल नहीं, एकमात्र मदरसा दूसरे गांव शिफ्ट

Updated at : 15 Jan 2026 7:03 PM (IST)
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दानीपुर में स्कूल नहीं, एकमात्र मदरसा दूसरे गांव शिफ्ट

दानीपुर में स्कूल नहीं, एकमात्र मदरसा दूसरे गांव शिफ्ट

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कोढ़ा आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद कोढ़ा प्रखंड के बिनोदपुर पंचायत की दानीपुर गांव आज भी शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. 8000 की आबादी वाले इस गांव में आज तक एक भी सरकारी प्राथमिक, मध्य या उच्च विद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है. स्थानीय उपमुखिया प्रतिनिधि अब्दुल सत्तार व अन्य ग्रामीणों ने बताया बताया कि पूर्व में स्कूल निर्माण की समस्या को लेकर स्थलीय जांच की गई थी. चिन्हित किये गये जमीन जो अतिक्रमण था. उसे खाली नहीं कराया गया था. इससे स्कूल निर्माण अधर में लटका हुआ है. रोहतरा में विद्यालय है जो काफी दूर है. ग्रामीणों के अनुसार दानीपुर में शिक्षा का एकमात्र सहारा मदरसा अख्तरुल इमाम था. जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी लेकिन अब यह सहारा भी छिनता नजर आ रहा है. आरोप है मदरसे का आईडी और पासवर्ड अवैध तरीके से निकालकर इसे दानीपुर से हटाकर राजवाड़ा पंचायत की चापी गांव में स्थानांतरित कर दिया. अब बच्चों को पढ़ाई के लिए 5 से 6 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून होने के बावजूद बच्चों को बुनियादी शिक्षा से वंचित रखा जाना सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के अभाव में गांव में अशिक्षा, बेरोजगारी व सामाजिक पिछड़ेपन की समस्या लगातार बढ़ रही है. शिक्षा के बिना बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

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