बिहार राज्य किसान सभा, जिला परिषद ने रखीं सात सूत्री मांगें

बिहार राज्य किसान सभा, जिला परिषद ने रखीं सात सूत्री मांगें
कटिहार बिहार राज्य किसान सभा, कटिहार जिला परिषद की ओर से सात सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं और सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की. बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने कहा कि मौजूदा हालात में खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है. लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है. धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिले में खाद की भारी किल्लत है. खुलेआम कालाबाजारी हो रही है. प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. किसानों ने मांग की कि खाद की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाय और निर्धारित सरकारी दर पर सभी किसानों को समय से खाद उपलब्ध करायी जाय. सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद सुनिश्चित की जाय. ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके. किसान सभा ने सभी प्रकार के कृषि ऋण को माफ करने, फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का समुचित मुआवजा देने की भी मांग की. इसके अलावा मनरेगा का नाम बदलने के निर्णय को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने और भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग की. मौके पर जिला सचिव सतनारायण यादव ने कहा कि किसान आज सबसे अधिक संकट में हैं. खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है. यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. सभा परिषद के सदस्य मूसा ने कहा कि जमीन के दाखिल-खारिज में व्याप्त धांधली पर तत्काल रोक लगाई जाय. ताकि किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. विनोदानंद साह, मुमताज अहमद, प्रेमलाल मंडल, राजेंद्र प्रसाद यादव, दिनेश लाल मंडल, बोनाई राम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे.
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