– डीएस कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस पर उनके जीवन व दर्शन पर व्याख्यान का आयोजन कटिहार दर्शन साह महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन और दर्शन पर एक व्याख्यान का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया. अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने की. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्श और उनका युवाओं पर उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि स्वामीजी पश्चिमी दर्शन सहित विभिन्न विषयों के ज्ञाता होने के साथ-साथ एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. वह भारत के पहले हिंदू सन्यासी थे. जिन्होंने हिंदू धर्म और सनातन धर्म का संदेश विश्व भर में फैलाया. उन्होंने विश्व में सनातन मूल्यों, हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति की सर्वाेच्चता स्थापित की. राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई दो के संयोजक डॉ आशीष कुमार ने कहा कि विवेकापंद का दर्शन और आदर्श भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत हैं. स्वामी विवेकानंद के दिखाए रास्ते पर चलकर ही एक भारत-श्रेष्ठ भारत, आत्म निर्भर भारत, स्वस्थ भारत और भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना साकार किया जा सकता है. अमृत काल में एक महान दार्शनिक, विचारक और युवाओं के प्रेरणा पुंज, स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं, राष्ट्रीयता की भावना, देशभक्ति, विविधता में एकता और समावेशिता को आत्मसात करने का संकल्प लेने का आह्वान किया. मुख्य वक्ताओं में इतिहास विभाग के विभागध्यक्ष प्रो मदन कुमार झा ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार पूर्वक व्यख्यान दिया. प्रो अनवर हुसैन ने उनके बारे में बताया कि स्वामीजी इसलिए महान हैं कि उन्होंने पूर्व और पश्चिम, धर्म और विज्ञान, अतीत और वर्तमान में सामंजस्य स्थापित किया है. देशवासियों ने उनकी शिक्षाओं से अभूतपूर्व आत्म-सम्मान, आत्मनिर्भरता और आत्म-विश्वास आत्मसात किया है. प्रो रतन कुमार दास ने बताया स्वामी विवेकानंद युवाओं में आशा और उम्मीद देखते थे. उनके लिए युवा पीढ़ी परिवर्तन की अग्रदूत है. धन्यवाद ज्ञापन प्रॉ बिबेकनंद स्वामी ने किया और कुशल मंच संचालन फिजिक्स विभाग के विद्वान प्रो डॉ स्वामिनान्दन ने किया. सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तीन के संयोजक प्रो मिथिलेश कुमार की महती भूमिका रही. इस अवसर पर डॉ बिलास कुमार झा, प्रो नारायण झा, डॉ संजीत कुमार गुप्ता, डॉ उदय शंकर, डॉ मैत्रीयी, डॉ शीला कुमारी, प्रो रमाकांत कुमार, एजुकेशन विभाग के प्रो प्रशांत कुमार, प्रो नवीन कुमार, प्रो मृणाल कुमार, प्रो अनिल कुमार, प्रधान सहायक डॉ एए ओंकार, पुस्तकाध्यक्ष शम्भू कुमार यादव, अजय परिदा, उमेश कुमार, प्रकाश कुमार, गुलाब कुमार, शुभम कुमार, अनिल कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
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