प्राचार्या को बदलने की मांग, छात्राएं बोलीं पढ़ाने नहीं आतीं शिकायत पर लगाती हैं फटकार

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प्राचार्या को बदलने की मांग, छात्राएं बोलीं पढ़ाने नहीं आतीं शिकायत पर लगाती हैं फटकार

प्राचार्या को बदलने की मांग, छात्राएं बोलीं पढ़ाने नहीं आतीं शिकायत पर लगाती हैं फटकार

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मांगों को लेकर पारा मेडिकल प्रशिक्षण केन्द्र की छात्राओं ने किया प्रदर्शन -प्राचार्य कक्ष में सीएस का किया घेराव, कहा पीते हैं गंदा पानी गंदा पानी से नहाना मजबूरी -छात्रावास के हॉस्टल में पसरी गंदगी के बीच जीना हो रहा मुहाल कटिहार विभिन्न मांगों को लेकर वार्ड नम्बर दो भेरिया रहिका अवस्थित पारा मेडिकल प्रशिक्षण केन्द्र की सैकड़ाें जीएनएम की छात्राओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया. मुख्य रूप से प्राचार्या को बदलने की मांग, हाॅस्टल में महीनों से पसरा कचरा और गंदा पानी के साथ कॉलेज परिसर में जमे पानी निकासी के विरूद्ध हंगामा किया. सूचना पर सिविल सर्जन डॉ जितेन्द्रनाथ सिंह पहुंचे. दर्जनों जीएनएम की छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष में ही सीएस काे घंटों घेरकर रखा. एक एक-कर छात्राओं ने अपनी समस्याओं को सीएस को अवगत कराया. कई छात्राओं ने प्राचार्या को हटाने की मांग पर अड़ गयीं. छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राचार्या एक भी क्लास नहीं लेती हैं, पठन-पाठन या किसी तरह की समस्याओं को लेकर अवगत कराने पर डांटकर भगा देती हैं. छात्रा पल्ल्वी, तन्नू, गायत्री आदि ने बताया कि इतना बड़ा हॉस्टल रहने के बाद भी उनलोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है. ऐसा इसलिए कि न तो एकेडमिक हॉल में और न ही छात्रावास में एक भी सीसीटीवी कैमरा है. सुरक्षा के मद्देनजर कम से कम एक सीसीटीवी कैमरा आवश्यक है. अनामिका कुमारी ने बताया कि पूर्व में हॉस्टल परिसर में कचरे का ढेर था. जिसकी शिकायत पर सीएस द्वारा सफाई का निदेश दिया लेकिन उस वक्त भी उनलोगों से तीस से चालीस रुपये अतिरिक्त लेकर साफ करवाया. पिछली होली में वे लोग घर गयीं थीं तब भी कचरा पसरा था. होली के बाद घर से आने पर भी कचरा पसरा मिला. जिसके कारण उनलोगों का जीना मुहाल हो गया है. इससे पूर्व भी कई समस्याओं को लेकर वे कार्यालय पहुंचे थे. जहां बताया गया कि यह उनलोगों की समस्या नहीं है. जहां जाना है जायें कहकर भगा दिया गया. अनामिका कुमारी ने बताया कि हॉस्टल में गंदा पानी पीते हैं और इसी गंदे पानी से नहाने की मजबूरी रहती है. जिसका नतीजा है कि कई तक वे लोग नहा नहीं पाती हैं. पल्ल्वी ने बताया कि सदर अस्पताल में कभी कभार ड्यूटी रखी जाती है, लेकिन वहां पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इ रिक्शा से जाने पर कभी गाड़ी पलट जाती है, इससे दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल होना पड़ जाता है. इसके लिए बीस रूपये अतिरिक्त खर्च कर ही अस्पताल जाने की मजबूरी रहती है. इस दौरान सीएस को प्राचार्य कक्ष में छात्राओं ने घेरे रखा, काफी मान्न मनौव्वल के बाद सीएस द्वारा दिये गये आश्वासन पर मामला शांत हो पाया.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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