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सदर अस्पताल में आभा पर रजिस्ट्रेशन कराने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ी

Updated at : 04 Aug 2024 10:49 PM (IST)
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Electoral Roll Revision

पर्ची कटाने के लिए मरीजों को घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता है

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कटिहार. विभाग के निर्देश के आलोक में सदर अस्पताल में आभा एप्लीकेशन पर भी रजिस्ट्रेशन कराने के कारण मरीजों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. पहले तो मरीज सीधे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लाइन में लगकर अपना रजिस्ट्रेशन करा लेते थे. लेकिन अब इस लाइन से पहले उन्हें आभा एप्लीकेशन पर भी रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर लंबी लाइन में लगने के लिए मजबूर होना पड़ता है. ऐसे में मरीजों का समय काफी बर्बाद हो रहा है. जिस कारण से मरीज की परेशानी काफी बढ़ गई है. बता दें कि अभी सदर अस्पताल में आभा एप्लीकेशन पर मरीजों को पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. जिसके बाद उन्हें एक टोकन नंबर दिया जाता है. इस टोकन नंबर को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बताना पड़ता है. तब जाकर उनकी पर्ची कटती है. ऐसे में मरीजों को अब दो बार लंबी लाइनों में लगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. जिस कारण से मरीजों का काफी समय लाइन लगने के चक्कर में ही बर्बाद हो जाता है. जिस कारण से मरीज के अंदर इस बात को लेकर आक्रोश भी है. ऐसा नहीं है कि इस एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक बार ही करना है. मरीज को जब भी अस्पताल अपने उपचार के लिए पहुंचना होगा तो नई पर्ची के लिए उन्हें फिर से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. सबसे बड़ी परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को हो रही है. क्योंकि कई मरीजों का मोबाइल उनके घर पर ही रहता है. रजिस्ट्रेशन करने के बाद उसे नंबर पर एक ओटीपी जाता है. जिनके बाद वह ओटीपी बताने के बाद ही उनका टोकन जनरेट होता है. इस कारण से मरीजों को और परेशानी उठानी पड़ रही है. खासकर के जब मोबाइल में ओटीपी को लेकर मैसेज नहीं पहुंचता है तो तब तक मरीज का रजिस्ट्रेशन कंप्लीट नहीं हो पता है. जिस कारण से मरीजों को और समय देने के लिए मजबूर होना पड़ता है. अस्पताल इलाज करने आने वाले मरीज गौरी देवी, शांभवी कुमारी, उज्जवल कुमार, संतोष यादव, नासिर आदि ने कहा कि पहले अस्पताल में अपना इलाज करने के लिए पहुंचते थे तो सीधा सा काम रहता था की रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लाइन लगते थे. पर्ची कटाने के बाद सीधे डॉक्टर को दिखाना है. लेकिन अब इसमें काफी तब्दीली की गई है. पहले आभा एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. उनके बाद फिर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. खामखा अब दो बार लाइन लगती पड़ती है. ऐसे में काफी समय भी बर्बाद हो रहा है. गौरतलब हो की सरकार ने अब सभी कामों को अब ऑनलाइन से जोड़ रही है. आभा एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन करने से यह ऑनलाइन पूरी डाटा विभाग को पहुंचती है. जिस पर सरकार की नजर रहती है कि अस्पताल में कितने मरीज आये कितनों का उपचार हुआ. हालांकि आभा एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन को लेकर घर बैठे भी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. उनके एप्स को डाउनलोड कर आप अपना टोकन नंबर ले सकते हैं. लेकिन यह सिर्फ एक घंटे तक के अंदर ही इस टोकन नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा. लेकिन इस मामले में 70 प्रतिशत से ऊपर मरीज अस्पताल ऐसे पहुंचते हैं. जिन्हें उनकी जानकारी ही नहीं है. केसे मोबाइल के जरिए कैसे अपना रजिस्ट्रेशन आभा एप्लीकेशन पर करना है. जिस कारण से मरीजों को लंबी लाइन में लगकर अस्पताल में ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है. इससे मरीजों को घोर परेशानी उठानी पड़ रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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