छठ महापर्व को सूप व टोकरी बनाने में जुटे मोहली समुदाय के लोग

छठ महापर्व को सूप व टोकरी बनाने में जुटे मोहली समुदाय के लोग
– इस वर्ष सूप व टोकरी की डिमांड अधिक रहने की वजह से अच्छी आमदनी की उम्मीद कोढ़ा लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियों का दौर शुरू हो गया है. इसी कड़ी में चंदवा पंचायत के रूपसपुर गांव व बाबनगंज पंचायत के मोहली टोला में बांस शिल्प से जुड़े मोहली समुदाय के लोग इन दिनों दिन-रात एक कर सूप व टोकरी बनाने में जुटे हुए हैं. गांव के हर आंगन में बांस की खटखटाहट गूंज रही है. महिलाएं, पुरुष मिलकर बांस के तिनकों को आकार दे रहे हैं. छठ पूजा में सूप व टोकरी का विशेष महत्व होता है. क्योंकि इन्हीं में छठी मईया को अर्घ दिया जाता है. विक्रम मोहली, अनिल मोहली, सरवन मोहली सहित कई अन्य कारीगरों ने बताया कि छठ पर्व के नजदीक आते ही सूप व टोकरियों की मांग में कई गुना वृद्धि हो जाती है. इस कारण सभी कारीगर सुबह से देर रात तक मेहनत करते हैं. कहा, यही उनका मुख्य आजीविका का साधन है. इस पर्व के समय उन्हें सालभर की मेहनत का फल मिलता है. कारीगरों ने बताया कि तैयार सूप और टोकरियों को वे स्थानीय खेरिया बाजार में बेचने ले जाते हैं. जहां से व्यापारी इन्हें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और यहां तक कि नेपाल तक ले जाते हैं. यहां के बने सूप व टोकरियां अपनी मजबूती और आकर्षक डिजाइन के लिए जानी जाती हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस बार बाजार में मांग अधिक है. जिससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है. छठ पर्व नजदीक आते ही बाजारों में बांस उत्पादों की खरीददारी जोरों पर है. रूपसपुर गांव के कारीगरों के चेहरे पर भी खुशियां झलक रही हैं.
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