एनएच 31 व 81 बना मौत का हाइवे, जनवरी से अबतक 20 लोगों की मौत

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एनएच 31 व 81 बना मौत का हाइवे, जनवरी से अबतक 20 लोगों की मौत

एनएच 31 व 81 बना मौत का हाइवे, जनवरी से अबतक 20 लोगों की मौत

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कोढ़ा कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वर्ष 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक एसएच-31और एनएच-81 मुख्य मार्ग पर हुए विभिन्न सड़क हादसों में कुल 20 लोगों की जान जा चुकी है. लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है. लोग अब इन सड़कों को मौत का हाईवे कहने लगे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, 3 जनवरी 2026 को एनएच-31 पर पवई के इमली चौक के समीप एक तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. लोगों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध भी जताया था. इसके बाद 10 फरवरी को एनएच-81 पर भटवारा के समीप एक और दर्दनाक हादसा हुआ. जहां तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई. उसी दिन पास ही ट्रक और बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई. एक ही दिन में दो मौतों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. 5 मार्च को एनएच-81 स्थित कोलासी पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई. 10 मार्च को चरखी के समीप पिकअप और टोटो के बीच हुई टक्कर में 53 वर्षीय महिला की जान चली गई. लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सबसे भीषण हादसा 11 अप्रैल को एनएच-31 पर बासगाढ़ा चौक के समीप हुआ. जहां बस और पिकअप की जोरदार टक्कर में 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी. इसके बाद भी हादसों का सिलसिला जारी रहा. 28 अप्रैल को एनएच-31 पर ट्रक और ऑटो की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई. 11 मई को बासगाढ़ा चौक के समीप ही बाइक और पिकअप की टक्कर में एक और व्यक्ति की जान चली गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों का दबदबा है. यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता है. खासकर हाइवा, ट्रक और अन्य भारी वाहन बेलगाम गति से चलते हैं. जिससे दुर्घटनाओं की संभावना लगातार बनी रहती है. कई स्थानों पर सड़क किनारे अतिक्रमण, खराब सड़क की स्थिति, उचित संकेतक (साइन बोर्ड) और स्पीड ब्रेकर की कमी भी हादसों का बड़ा कारण बन रही है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. लोगों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और सख्त निगरानी जरूरी है. साथ ही भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाय.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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