मनसाही BDO ने स्कूल का किया औचक निरीक्षण, बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दे सके छात्र, बिफरे अधिकारी ने शिक्षकों को फटकारा

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 29 May 2026 3:21 PM

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विद्यालय का निरीक्षण करती बीडीओ

BDO Inspection: कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत का बड़ा अंतर सामने आया है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय लहासा में औचक निरीक्षण करने पहुंचीं बीडीओ सुमन कुमारी ने जब बच्चों से पढ़ाई से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे, तो छात्र बगलें झांकने लगे. बच्चों की इस शैक्षणिक स्थिति पर भड़कीं बीडीओ ने हेडमास्टर सहित सभी शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई.

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कटिहार के मनसाही से ललित कुमार की रिपोर्ट

BDO Inspection: बिहार सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों की पोल शुक्रवार को मनसाही में खुल गई. मनसाही की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुमन कुमारी ने शुक्रवार दोपहर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय (UMS) लहासा का अचानक औचक निरीक्षण किया. इस दौरान जहाँ एक तरफ कागजी तौर पर विद्यालय के अभिलेख (दस्तावेज) दुरुस्त पाए गए, वहीं दूसरी तरफ बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहद दयनीय और चिंताजनक मिला. छात्रों के शैक्षणिक स्तर को देख बीडीओ ने गहरी नाराजगी जाहिर की और मौके पर ही शिक्षकों की क्लास लगा दी.

कागजात तो दुरुस्त मिले, लेकिन पढ़ाई की खुली पोल

निरीक्षण के पहले चरण में बीडीओ सुमन कुमारी ने विद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय रिकॉर्ड्स की कड़ियों को खंगाला:

  • अभिलेखों की जांच: बीडीओ ने स्कूल के छात्र उपस्थिति रजिस्टर, शिक्षक हाजिरी पंजी, दाखिला-खारिज (एडमिशन-विड्रॉल) पंजी, कैश बुक, मध्यान्ह भोजन (MDM) पंजी और लेजर बुक सहित सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों की सघन जांच की. फाइलों और दस्तावेजों का रखरखाव संतोषजनक पाया गया.
  • सवालों पर मौन हुए छात्र: कागजी औपचारिकता पूरी करने के बाद जब बीडीओ सीधे कक्षाओं (क्लासरूम) में बच्चों के बीच पहुंचीं, तो हकीकत कुछ और ही निकली. बीडीओ ने विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्राओं से उनकी कक्षा के अनुरूप गणित, भाषा और सामान्य ज्ञान से जुड़े बेहद बुनियादी (बेसिक) सवाल पूछे. बेहद निराशाजनक बात यह रही कि क्लास में मौजूद अधिकांश छात्र-छात्राएं इन सरल सवालों का भी उत्तर नहीं दे सके.

“यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है” — बीडीओ ने एचएम को लताड़ा

कड़ी फटकार: बच्चों के इस खोखले शैक्षणिक स्तर को देखकर बीडीओ सुमन कुमारी का पारा चढ़ गया. उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक (HM) अयोध्या प्रसाद मंडल सहित स्कूल में उपस्थित सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं को कड़े लहजे में फटकार लगाई.

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों को मोटी सैलरी (वेतन) दे रही है, लेकिन धरातल पर बच्चों को ककहरा तक नहीं आ रहा है. यह सीधे तौर पर गरीब नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने आने वाले हर एक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) पाने का पूरा अधिकार है.

लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर होगी सीधी विभागीय कार्रवाई

बीडीओ ने सभी शिक्षकों को अल्टीमेटम देते हुए सख्त हिदायत दी कि वे अपनी कार्यशैली में तुरंत सुधार लाएं. सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को खेल-कूद और रूचिपूर्ण तरीकों से शिक्षा से जोड़कर उनका बेस (बुनियाद) मजबूत करें. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अगली जांच में बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सुधार नहीं दिखा, तो लापरवाही बरतने वाले संबंधित शिक्षक-शिक्षिका के खिलाफ वेतन रोकने और निलंबन (सस्पेंशन) की विभागीय कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को पत्र लिखा जाएगा.

निष्कर्ष: नारों और जमीनी हकीकत में बड़ा फासला

गौरतलब है कि बिहार सरकार हर साल सूबे की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर रही है और लाखों नए शिक्षकों की बहाली की जा रही है. इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है.

आज भी इन स्कूलों में अधिकांशतः समाज के सबसे पिछड़े, गरीब और रोजमर्रा की मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चे ही पढ़ते हैं, जिनके पास निजी कोचिंग के पैसे नहीं होते. ऐसे में अगर सरकारी व्यवस्था ही फेल रहेगी, तो इन बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जाएगा. सरकार भले ही “सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ें” का नारा बुलंद कर रही हो, लेकिन जब तक लहासा जैसे स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय भेजने से कतराते रहेंगे.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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