राजस्थान में मजदूर की धान रोपने के दौरान वज्रपात से मौत, शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम

Updated at : 29 Jul 2025 7:46 PM (IST)
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राजस्थान में मजदूर की धान रोपने के दौरान वज्रपात से मौत, शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम

राजस्थान के झालावाड़ जिले अंतर्गत पनवाड़ थाना क्षेत्र के ओदपुर गांव के एक खेत में धान रोपने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गयी.

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छह बच्चों के लालन-पालन को लेकर परिवार के लोग चिंतित

कदवा. कदवा थाना क्षेत्र के भर्री पंचायत के वार्ड संख्या दो भर्री ग्राम निवासी स्व शेख असीर का 45 वर्षीय पुत्र प्रवासी मजदूर शेख शमसुल की शनिवार को राजस्थान के झालावाड़ जिले अंतर्गत पनवाड़ थाना क्षेत्र के ओदपुर गांव के एक खेत में धान रोपने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गयी. उसके साथ में धान रोपनी कर रहे शेख अशिर का 41 वर्षीय पुत्र शेख इंद्रिया, रमजान अली के 35 वर्षीय पुत्र नसीम भी घायल हो गया. जिसका इलाज वहां के अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि भर्री पंचायत के वार्ड संख्या दो भर्री ग्राम निवासी शेख शमसुल परिवार का भरण पोषण करने के लिए राजस्थान के झालावाड़ में धान रोपने गया हुआ था. जहां धान रोपने के क्रम में वज्रपात की चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गयी. घटना के बाद राजस्थान पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस के माध्यम से उसके घर भर्री भेज दिया. मृतक शेख शमसुल का शव गांव पहुंचते ही देखने वालों की भारी संख्या में भीड़ जुट गयी. घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है. ग्रामीणों में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है. घटना को लेकर पैक्स अध्यक्ष सह जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश भगत, सरपंच प्रतिनिधि रौनक अली, शेख सत्तर, शेख मकबूल, रसीद, वाहिद आदि लोगों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा बिहार से लोग दूसरे प्रदेश कमाने जाते है. वहां उनकी मौत हो जाती है. बिहार में किसी प्रकार का रोजगार नहीं रहने के कारण बिहार से लोग दूसरे प्रदेश मजदूरी करने जाते है. दुख की बात तो यह है कि दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने के दौरान अगर मजदूर की मौत हो जाती है तो मृतक के परिजनों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है. बिहार के मजदूरों को बिहार में मजदूरी मिले तो लोग बिहार से बाहर जाना बंद कर दें और लोगों के साथ इस तरह का घटना भी नहीं होगा. मृतक शेख शमसुल ने अपने पीछे पत्नी भुजगन खातून, तीन पुत्र शेख सद्दाम, शेख इमाम, शेख सोहिल, तीन पुत्री शहनाज खातून, जुली खातून, सकीला खातून को अपने पीछे छोड़ गये. स्थानीय लोगों ने दुख व्यक्त करते हुए बिहार सरकार से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने का मांग किया है.

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