कटिहार के मखाने को वियतनाम में मिली नई पहचान, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक बैठकों से बढ़ी निर्यात की उम्मीद

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वियतनाम में लगाया गया मखाना स्टॉल पर लोगों की भीड़ | Prabhat Khabar Network

कटिहार के मखाने ने वियतनाम में अपनी पहचान बनाई है. मोसो फूड्स ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मखाना निर्यात की नई संभावनाएं तलाशते हुए बिहार का मान बढ़ाया है.

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Katihar News: कटिहार का मखाना अब वैश्विक बाजार में अपनी नई पहचान बना रहा है. वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कार्यक्रम में कटिहार की मखाना निर्माता और निर्यातक कंपनी मोसो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने भारत और बिहार का प्रतिनिधित्व किया. इस भागीदारी के बाद वियतनाम के आयातकों और ट्रेडर्स के साथ महत्वपूर्ण कारोबारी संपर्क स्थापित हुए हैं, जिससे भविष्य में कटिहार के मखाने के बड़े पैमाने पर निर्यात की संभावना बढ़ गई है.

यह पहल ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की टैरिफ नीतियों और मध्य-पूर्व की परिस्थितियों के कारण पारंपरिक निर्यात बाजारों पर असर पड़ा है. ऐसे में नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश को मखाना उद्योग के लिए महत्वपूर्ण रणनीति माना जा रहा है.

वियतनाम में बिहार के मखाने का प्रदर्शन

ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंडिया-वियतनाम ट्रेड प्रमोशन एंड नेटवर्किंग इवेंट में उद्योग विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से मोसो फूड्स ने मखाना श्रेणी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

कार्यक्रम के दौरान लगाए गए मखाना स्टॉल पर बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारियों, आयातकों और वितरकों ने रुचि दिखाई. कंपनी के प्रतिनिधियों ने वियतनाम के खाद्य बाजार और उपभोक्ता मांग को लेकर विस्तृत चर्चा भी की.

नए बाजार की तलाश क्यों जरूरी

मोसो फूड्स के डायरेक्टर गुलफराज ने बताया कि वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण पारंपरिक मखाना निर्यात बाजारों पर दबाव बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वियतनाम जैसे उभरते बाजारों में प्रवेश करना मखाना उद्योग के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है. कंपनी की रणनीति केवल कच्चे मखाने के निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि वैल्यू-एडेड उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने की है.

किसानों को मिल सकता है बड़ा लाभ

कंपनी का मानना है कि यदि वियतनाम के साथ निर्यात बढ़ता है, तो इसका सीधा लाभ कटिहार और आसपास के क्षेत्रों के मखाना किसानों को मिलेगा.

गुलफराज ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले मखाने की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर और उचित मूल्य मिल सकता है. इससे मखाना आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

वियतनाम के आयातकों से हुई कारोबारी बैठकें

कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने वियतनाम के प्रमुख आयातकों, वितरकों और ट्रेडर्स के साथ कई व्यावसायिक बैठकें कीं.

इन बैठकों में वियतनाम के खाद्य बाजार, मखाने की संभावित मांग, आपूर्ति श्रृंखला और भविष्य के कारोबारी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई. कंपनी ने इसे भविष्य के निर्यात विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

कटिहार के मखाने की वैश्विक पहचान मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार, विशेषकर कटिहार और सीमांचल क्षेत्र का मखाना अपनी गुणवत्ता और पोषण मूल्य के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

यदि वियतनाम में निर्यात की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो यह न केवल कटिहार के मखाना उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि होगी, बल्कि बिहार के कृषि-आधारित निर्यात को भी नई दिशा मिल सकती है.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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