कटिहार प्राणपुर प्रखंड के उत्तरी लालगंज पंचायत के बंगुरूवा व नंदसुरी गांव में सांसद तारिक अनवर पहुंचे. उन्होंने कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सैकड़ों की संख्या में उपस्थित मनरेगा मजदूरों से संवाद स्थापित किया. मजदूरों के साथ स्थानीय समस्याओं से रुबरु हुए. मजदूरों ने सरकार के मनरेगा विरोधी कार्य का घोर विरोध किया. स्थानीय ग्रामीणों ने भी सांसद से कहा कि लाभा से झौआ तक महानंदा तटबंध में बनी सड़क काफी जर्जर हो चुकी है. जर्जर महानंदा तटबंध सड़क से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है. जिस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस समस्या को लेकर उंन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त विभाग के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात किया. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि महानंदा तटबंध सड़क की मरम्मति को लेकर आवंटन की स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया है. राशि की स्वीकृति मिलते ही सड़क मरम्मती का कार्य शुरू करा दिया जायेगा. ग्रामीणों ने कहा कि बंगुरूवा महानंदा बांध ढाला के समीप धार में एक पुल की अति आवश्यकता है. पुल नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को अपने खेत-खलिहान आने जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों की समस्या सुनने के दौरान सांसद ने कहा कि केंद्र की सरकार अपने मनमाने ढंग से मनरेगा योजना का नाम बदल दिया है. महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नाम बदल दिया है. उक्त योजनाओं से देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम गायब कर दिया है. इसका नियम कानून भी बदल दिया गया है. अब मनरेगा में लोगों को रोजगार मिलना मुश्किल हो जायेगा. जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने इस आंदोलन में अधिक से अधिक की संख्या में लोगों को जुड़ने का अपील की. सऊद आलम, मुखिया तनवीर अहमद, वहाब, रफीक, अकमल, नसीम, अस्लउद्दीन सहित कई लोग मौजूद थे.
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