माता लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, मिठाई व पटाखों की जमकर हुई बिक्री

Updated at : 19 Oct 2025 6:29 PM (IST)
विज्ञापन
माता लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, मिठाई व पटाखों की जमकर हुई बिक्री

माता लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, मिठाई व पटाखों की जमकर हुई बिक्री

विज्ञापन

कटिहार दीपावली पर्व को लेकर रविवार को लोग अपने अंतिम तैयारी में जुटे रहे. सोमवार को दीपावली पर्व मनाया जायेगा. पूरे शहर में दीपावली पर्व को लेकर धूम मची रही. हर कोई दीपावली पर्व को लेकर अपनी अंतिम तैयारी को लेकर खरीदारी करने में जुटे रहे. पूरे बाजार में रविवार को खरीदारी का दौर चलता रहा. कहीं पूजा को लेकर गणेश लक्ष्मी की मूर्ति खरीदी जा रही थी. तो कहीं पर मिट्टी के दीप खरीदे जा रहे थे. बाजार के हर चौक- चौराहों पर पूजा संबंधित दुकान भी सजे हुए थे. जहां पूरी भीड़ लगी रही. पूरे शहर के हर चौक चौराहों पर दीपावली संबंधित बाजार सजे हुए रहे. शहर के शिव मंदिर चौक, दौलत राम चौक, न्यू मार्केट, मिरचाईबाड़ी, फल पट्टी पूरा बाजार दीपावली के रंग में रंग गया था. हर तरफ दीपावली को लेकर लोगों की खरीदारी होती रही. पूरे बाजार में घर की सजावट के लिए फूल पत्ती, रंग बिरंगी लाइट, रंगोली तो कई साजो समान बिक रहे थे. जिसका लोग खूब खरीदारी करते नजर आये. बाजार की रौनक इस कदर रही की छोटे से बड़े सभी दुकानदारों के चेहरे भी खिले रहे. हर साल के महंगाई के इस दौर में भी दीपावली को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं रहा. सभी अपने आर्थिक स्थिति के अनुसार खरीदारी करने में जुटे रहे. पूरे बाजार में पूजा सामग्रियों की खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा भीड़ महिलाओं की रही. जबकि जैसे जैसे शाम होता गया. बाजार में खरीदारी भी जोर पकड़ने लगी. बाजार में अत्यधिक भीड़ रहने के कारण शहर में रह रह कर जाम की समस्या से भी लोगो को दो चार होना पड़ा. कच्चे फूल के कीमत आसमान छुए दीपावली पर्व को लेकर घर व अपनी दुकान प्रतिष्ठान को सजाने संवारने की परंपरा चली आ रही है. दीपावली पर्व को लेकर पूरे घर दुकान व प्रतिष्ठान को दुल्हन की तरह सजाया जाता है. जहां लोग अपने घर वी दुकान को कच्चे फूल से उनका सौंदर्यकरण करते हैं, तो दूसरी तरफ रंग बिरंगी लाइट और झालरों से अपने घर को सजाते हैं. इस बार कच्चे फूल की कीमतों में भारी उछाल रही. इसके बाद भी लोग खरीदारी करने से पीछे नहीं हटे. जिस गेंदा फूल की एक लड़ी 15 से 20 रु में आ जाती थी. इस वर्ष एक लड़ी की कीमत 40 रूपया हो गयी. रविवार को गेंदा फूल की एक लड़ी 40 पीस बिकी. इसके बाद भी लोग फूल खरीदारी करते नजर आये. पूजा को लेकर गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की खूब हुई खरीदारी लक्ष्मी पूजा को लेकर सप्ताह भर पहले से ही बाजार में भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्तियां बिक रही है. लेकिन रविवार के दिन मूर्ति की खरीदारी जोरों पर रही. इस वर्ष मूर्तियों के दाम भी आसमान छू रहे है. जिस मूर्ति के दाम 60 रूपया पिछले साल हुआ करती थी. इस साल उसी मूर्ति के दाम 100 रूपया हो गया है. बाजार में 60 रूपया से लेकर 1000 रूपया की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध रही. मिट्टी तथा पारस पेरिस की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध थी. पेरिस के मुकाबले मिट्टी के मूर्तियों के दाम ज्यादा रहे. वर्षों से मूर्तियों का कारोबार कर रहे हैं. अमन कुमार ने बताया कि मूर्तियां पटना, चुनारपुर, कोलकाता, बनारस तथा मुजफ्फरपुर से कटिहार आती है. लेकिन इस वर्ष सभी जगह मूर्तियों के दाम में उछाल रहने के कारण बाजार में मूर्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं. उन्होंने बताया कि पारस पेरिस से बने मूर्ति से ज्यादा मिट्टी की मूर्ति को शुभ माना जाता है. मिट्टी की मूर्ति की खरीदारी लोग ज्यादा करते हैं. इस वर्ष हर मूर्तियों के दाम दोगुने बढ़ गए हैं. लेकिन फिर्निशिंग के मामले में पेरिस प्लास्टर के मूर्तियां ज्यादा लोग पसंद करते हैं. साथ ही इनकी कीमत मिट्टी की मूर्तियों के मुकाबले कम है. कहीं मिट्टी के दीप तो कहीं चाइनीज बल्ब दोनों की खूब हुई खरीदारी पूरे बाजार में जगह-जगह मिट्टी के दीपों की दुकान सजाए गये थे. जबकि बाजार में चाइनीज बल्ब का भी पूरा बोलबाला रहा. दीपावली को लेकर मिट्टी के दीपक बनाने को लेकर कुम्हार पूर्व से ही भारी संख्या मिट्टी के दीप बनाने में जुटे हुए थे. जिसका आलम रहा कि पूरे बाजार में मिट्टी के दीपक आराम से मिल रहे थे. छोटे दीप 150 रूपया सैकड़ा तो मटकी वाले दिए 10 रूपया पीस बिके. लोगों ने मिट्टी के दीए की खरीदारी भी खूब की. लेकिन इस बार बाजार में मटकी वाले दिए की खपत न के बराबर रही. यहां तक की मटकी के दिए तो बहुत जगह देखने को नहीं मिल रहे थे. कारण था कि मटकी वाले दिए केरोसिन तेल से जलते हैं. केरोसिन तेल के अभाव के कारण लोगों ने सरसों तेल से जलने वाले दीपों की खरीदारी सबसे ज्यादा की. इसके अलावा खास कर मोमबत्ती की भी खरीदारी खूब हुई. जमकर हुई मिठाई की खरीददारी कोई भी त्यौहार मिठाई के बिना अधूरा सा है. ऐसे में दीपावली पर्व जो खुशी का त्योहार है. इसमें तो मुंह मीठा करना जरूर बनता है. इस त्यौहार में एक अलग ही परंपरा चली आ रही है. अपने सगे संबंधी और अपने मित्र गण को मिठाई भेंट करते हैं. ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि दीपावली के मौके पर मिठाई खाते कम है और बांटते ज्यादा है. दीपावली में मिठाई की बाजार की एक अलग ही महत्वता है. दीपावली में सिर्फ मिठाई का बाजार लाखों का होता है. हर छोटे बड़े घर में भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है. ऐसे में भगवान को भोग लगाने के लिए मिठाई की खरीदारी होती है. जबकि पूजा में एक-दूसरे के मुंह मीठा करने के लिए भी मिठाई की खरीदारी भारी मात्रा में की जाती है. शहर के सभी छोटे बड़े मिठाई दुकानों में भरपूर मात्रा में मिठाई स्टाक किए गए हैं. पिछले तीन दिन से कारीगर मिठाई बनाने में लगे हुए थे. ताकि दीपावली में सभी का आर्डर पूरा किया जा सके. हर तरह की मिठाई बाजार में लोगों के लिए उपलब्ध रही. लोग भी अपने-अपने क्षमता अनुसार मिठाई की खरीदारी करते नजर आये. आखिरी समय में पटाखा दुकान में खुल कर हुई पटाखा की बिक्री अवैध रूप से पटाखा के दुकान करने वाले कारोबारी के ऊपर जिला प्रशासन के द्वारा सख्त रवैया के बाद पूरे शहर भर में पटाखा की खरीद बिक्री पर पिछले कुछ दिनों से कारोबार बंद रहा. जिला प्रशासन द्वारा अंतिम क्षण में थोड़ी ढील देने के बाद शुक्रवार से बाजार में पटाखा की बिक्री धड़ल्ले से हुई.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन