आम पेड़ में आये मंजर से आम के अधिक फल लगने की उम्मीद

Updated at : 05 Apr 2026 6:44 PM (IST)
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आम पेड़ में आये मंजर से आम के अधिक फल लगने की उम्मीद

आम पेड़ में आये मंजर से आम के अधिक फल लगने की उम्मीद

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कुरसेला आम के पेड़ों पर मंजर की खुशबू से बगान मालिकों में हर्ष है. प्राकृतिक रूप से हुए तेज आंधी बारिश के प्रकोप से आम के मंजरों को क्षति पहुंचा है. बगान मालिक आम मंजर के झड़ कर गिरने से नुकसान पहुंचा है. बावजूद अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष आम के अधिक फल लगने की उम्मीद है. बगान मालिक पेड़ों में लगे आम के मंजरों के बचाव के जतन में जुटे है. आम के तनों का पोषण कीटनाशी दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है. समझा जाता है कि प्राकृतिक आपदा आंधी बारिश से बचाव होने से पेड़ों पर अधिक मात्रा में आम के फल लग सकता हैं. अधिक संख्या में पेड़ों पर फल लगने से बगान मालिकों को आर्थिक रूप से इसका लाभान्वित होने की आस है. आम बगानों की खरीददारी करने वाले व्यवसाई पेड़ों में लगे मंजरों के आधार पर कीमत तय कर खरीददारी कर रहे है. व्यवसायी आम बगानों का मंजरों के आधार पर दर तय कर रहे हैं. क्षेत्र में आम के कई बगान है. बगानों के आलावा इधर उधर छिटफुट आम फलों के पेड़ है. औसतन पेड़ों पर आंधी बारिश प्रकोप के बाद आम फलों का अधिक मंजर देखा जा रहा है. हालांकि क्षेत्र में आम पेड़ों की संख्या निरंतर कम होती जा रही है. तकरीबन पांच दशक पूर्व क्षेत्र में अनेकों आम का बड़ा बगान पाया जाता था. प्राकृतिक आपदा व अन्य वजहों से आम का पेड़ कम हो चुका है. पेड़ों में अधिक फल लगने से बाजार में आम फलों के कीमते कम रहने की उम्मीद रहती है. कीमतें कम होने से आम संधारण आम फलों की खरीददारी करने में सक्षम हो पाते हैं. बगान मालिकों का कहना था कि इस वर्ष आम पेड़ में थोड़ा विलंब से मंजर आया है. बावजूद मंजर अधिक है. बताया गया कि मालदह जर्दालू, नेगड़ा, चौसा, आम्रपाली आदि पेड़ों में अधिक संख्या में मंजर आया है. संभावना जताया जा रहा है कि इस साल आंधी तूफान बारिश का अधिक प्रकोप हो सकता है. ऐसा देखा गया है कि जिस साल आम के पेड़ों में अधिक फल आता है. उस वर्ष आंधी तूफान का प्राकृतिक कुप्रकोप अधिक होता है. आपदा के मार से पेड़ों में फलों की संख्या घट कर रह जाती है.

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