कोढ़ा-बरारी विस को जोड़ने वाला पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा

Updated at : 19 Oct 2025 7:00 PM (IST)
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कोढ़ा-बरारी विस को जोड़ने वाला पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा

कोढ़ा-बरारी विस को जोड़ने वाला पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा

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– डायवर्सन की जगह बना दिया गया है चचरी का पुल बाइक, साइकिल व आमलोगों से आवगामन पर हो रही वसूली – विधानसभा में बनेगा चुनावी मुद्दा कोढ़ा विधानसभा चुनाव 2025 की आहट के बीच कोढ़ा व बरारी विधानसभा क्षेत्र की जनता एक बार फिर ठगा सा महसूस कर रही है. मधुरा पंचायत के पास दो विधानसभा क्षेत्रों कोढ़ा व बरारी को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण पुल आज भी अधर में लटका हुआ है. वर्षों से यह पुल निर्माणाधीन है. लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारें बदलीं, वादे हुए, पर पुल का सपना अब तक अधूरा ही रह गया है. पुल के बगल में आवागमन के लिए निजी स्तर पर चचरी पुल का निर्माण करा दिया गया है. उस चचरी पुल से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन हो रहा है. जिसके लिए लोगों से वसूली की जाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार बाइक पार कराने पर प्रति बाइक 20 रूपया के दर से वसूली की जा रही है. साइकिल पार कराने व आमलोगों के चचरी पुल से आवागमन करने के नाम पर दस रूपये की वसूली हो रही है. जबकि पुल निर्माण से पहले कार्य एजेंसी को डायवर्सन बना कर काम को शुरू करना था. पर ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया है. जिससे विभाग के पदाधिकारियों पर लोग सवाल उठा रहे हैं. इस मामले में विधायक, सांसद के प्रति भी लोगों में आक्रोश दिख रहा है. चचरी पुल से जान जोखिम में पार करते हैं लोग स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माध्ण से पहले डायवर्सन का निर्माण कराया गया था लेकिन वह बरसात में बह गया. जिसे दुबारा नहीं बनाया गया. जिसके बाद निजी स्तर पर कुछ लोगों ने वसूली के लिए बांस की चचरी पुल बना दी है. रोज़ाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर इस अस्थायी पुल से गुजरते हैं, जो कभी भी टूट सकता है. बरसात के दिनों में यह परेशानी और भी भयावह हो जाती है. जब चचरी पुल बह जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है. अधूरा निर्माण बना प्रतीक सरकार की उदासीनता का सूत्रों के अनुसार, पुल का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले शुरू हुआ था. लेकिन ठेकेदार और विभागीय लापरवाही के कारण कार्य बीच में ही ठप हो गया. अब आधा-अधूरा पुल और टूटी डायवर्सन ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है. पिछले वर्ष जलस्तर बढ़ने के बाद डायवर्सन टूट गई थी, जिसके बाद से काम पूरी तरह बंद है. चुनाव में बना बड़ा मुद्दा विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र यह अधूरा पुल अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि इस बार वोट उसी को देंगे जो सच में पुल पूरा करायेगा. अब हम झूठे आश्वासन नहीं, काम चाहते हैं.

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