छठ महापर्व के करीब आते ही टोकरी, सूप की बाजार में बढ़ी डिमांड

छठ महापर्व के करीब आते ही टोकरी, सूप की बाजार में बढ़ी डिमांड
कुरसेला छठ महापर्व को लेकर बांस से बने टोकरी, सूप की डिमांड बढ़ गयी है. महापर्व छठ पूजा के सामानों के साथ बांस का डाला, सूप की कीमतें बढ़ी हुई है. कुरसेला बाजार टोकरी, सूप आपूर्ति का अहम जगह बना हुआ है. एनएच 31 सड़क किनारे से लेकर अन्य जगहों पर मांग के अनुरूप टोकरी, सूप बनाकर बेची जाती है. बांस की टोकरी, सूप की मांग अधिक होने से प्रदेश के अन्य जिला के बुनकर कुरसेला आकर टोकरी बनाने का कार्य करते हैं. मांग की अधिकता होने से बुनकर छह माह पूर्व से यहां आकर रात दिन एक कर टोकरी तैयार करने के कार्य में लग जाते हैं. मेहनत मजदूरी का लाभ लेकर छह माह के बाद बुनकर घर वापस लौट जाते हैं. छपरा जिला के विभिन्न गांवों से कुरसेला में टोकरी बनाने वाले बुनकर भूषण महतो, शत्रुध्न महतो, विनेश्वर महतो, रामा महतो, धीरन महतो, ननहक महतो, मोती राज महतो, जालंधर महतो, हीरा महतो, चन्दु महतो ने बताया कि मांग को देखते हुए पिछले कई वर्षों से यहां टोकरी बनाने का कार्य करते आ रहे हैं. बांस के मूल्य अधिक होने से पूर्व के सालों की अपेक्षा उनके लाभ में कमी आयी है. बावजूद मांग अधिक होने से टोकरी तैयार करने के कार्य में लगे रहते हैं. बुनकरों ने बताया कि छठ महापर्व के करीब आने पर दिन के साथ रात में जग कर कार्य करना पड़ता हैं. ताकि उसके घटते मेहताना लाभ की भरपायी हो सके. वर्तमान में एक बड़ी टोकरी तीन सौ रुपये में बिकती है. कड़ी मेहनत बांस के लागत पूंजी के बाद प्रति माह पन्द्रह से बारह सौ रुपया बच पाता है. इसी कमाई के भरोसे उनका परिवार आश्रित है. रोजगार के अभाव में घर परिवार से अलग रह कर कुरसेला आकर उनके लिए कार्य करने की मजबूरी है. टोकरी बना कर थोक व खुदरा में बिक्री करने का कार्य करते हैं. व्यापारियों के हाथों टोकरी को थोक बिक्री कुरसेला में तैयार की गयी टोकरियां भागलपुर, नवगछिया, थाना बिहपुर, कटिहार के व्यापारियों के यहां थोक रुप में बेचने का कार्य किया जाता है. व्यापारी टोकरियों के आपूर्ति के लिये बुनकरों को अग्रिम दे जाते हैं. बुनकर उनके लिये समय पर टोकरियां बना कर देने का कार्य करते हैं. टोकरी खरीददारी के लिए बढ़ी चहल पहल महापर्व छठ अनुष्ठान के करीब आने से बाजारों में टोकरी, सूप की खरीददारी को लेकर चहल पहल बढ़ गयी है. बांस से बनी टोकरी के खुदरा थोक के खरीददारी का कार्य बढ़ गया है. टोकरी के खुदरा खरीददारी करने वाले में अधिकतर महिलाएं होती है.
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