अमदाबाद के बेलगच्छी में महानंदा नदी का तांडव: 100 फीट जमीन नदी में समाई, स्कूल पर मंडराया अस्तित्व का खतरा

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अमदाबाद बेलगच्छी में 100 फीट जमीन नदी में समाई, स्कूल पर मंडरा रहा खतरा।

कटाव स्थल पर रखे गए बोरे | Prabhat Khabar Network

बेलगच्छी गांव के पास महानंदा नदी ने रात भर में 100 फीट जमीन निगल ली. उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जहां 432 छात्र पढ़ते हैं, अब नदी के किनारे मात्र 100 मीटर दूर है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत बेलगच्छी गांव के समीप उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पास बीती रात महानंदा नदी ने तेजी से मिट्टी का कटाव किया है. महज एक रात के भीतर ही 100 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा भू-भाग कटकर नदी की मुख्य धारा में विलीन हो गया. इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल है. हालांकि, कटाव स्थल पर पूर्व से ही बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा फ्लड फाइटिंग के तहत मिट्टी भरी बोरियां रखी गई थीं, लेकिन वे नदी के तेज बहाव को रोकने में नाकामी साबित हुईं.

नदी के मुहाने पर खड़ा है 12 कमरों का स्कूल, बच्चों की सुरक्षा दांव पर

कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में महानंदा नदी के किनारे से यह विद्यालय महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है.

  • नामांकित छात्र: उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलगच्छी के प्रधानाध्यापक भीष्म नारायण पासवान ने बताया कि इस स्कूल में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के कुल 432 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जो नियमित रूप से यहां शिक्षा ग्रहण करने आते हैं.
  • बुनियादी ढांचा: विद्यालय में पहले से 10 कमरे उपलब्ध हैं, जबकि हाल ही में 2 नए कमरों का निर्माण कराया गया है. ग्रामीणों को डर है कि यदि समय रहते ठोस और स्थाई कटावरोधी कार्य नहीं हुआ, तो यह पूरा विद्यालय भवन नदी की भेंट चढ़ जाएगा और सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक जाएगा.

"हर साल योजनाएं बनती हैं, फिर भी उजड़ जाते हैं आशियाने"

बेलगच्छी गांव के स्थानीय ग्रामीण शेख इरूल, शेख मकबूल और नीमचंद मंडल ने प्रशासनिक दावों पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि महानंदा नदी पिछले कई वर्षों से इस इलाके में तबाही मचा रही है. वर्ष 2025 में भी यहां भीषण कटाव हुआ था, जिसमें कई गरीब परिवारों के घर नदी में विलीन हो गए थे. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और विभाग द्वारा हर साल कटावनिरोधात्मक कार्य के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जिसके कारण हर साल नए परिवार बेघर होने को मजबूर हैं.

बेड बार और एनसी क्रेट डालकर रोका जाएगा कटाव: कनीय अभियंता

इस संवेदनशील मामले को लेकर जब बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, कटिहार के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने स्थिति के जल्द नियंत्रण में होने का दावा किया:

"बेलगच्छी में जहां भी नया कटाव शुरू हुआ है, वहां विभाग द्वारा तुरंत आपातकालीन कटावनिरोधात्मक कार्य (फ्लड फाइटिंग) शुरू कराया जा रहा है. नदी की तेज धारा को मोड़ने और किनारों को सुरक्षित करने के लिए वहां 'बेड बार' और 'एनसी क्रेट' डाले जाएंगे. फिलहाल विद्यालय भवन पूरी तरह सुरक्षित है और वहां सीधे तौर पर कोई तात्कालिक खतरा नहीं है." — राहुल कुमार चौहान, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल (कटिहार)

विभागीय दावों के मुताबिक, पूर्व में किए गए कार्यों के चलते फिलहाल कटाव की रफ्तार थोड़ी थमी जरूर है, लेकिन महानंदा नदी के बदलते मिजाज को देखते हुए तटीय इलाकों और बेलगच्छी गांव में बसे लोग अब भी रात-रात भर जागकर पहरा देने को विवश हैं.


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