अर्जन देव महाराज की महान शहीदी पर बीस दिवसीय सुखमनी साहिब की पाठ
Published by : RAJKISHOR K Updated At : 29 May 2026 6:33 PM
अर्जन देव महाराज की महान शहीदी पर बीस दिवसीय सुखमनी साहिब की पाठ
बरारी गुरुद्वारा भवानीपुर गुरुबाजार काढ़ागोला साहिब में सिख धर्म के पांचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी महाराज का शहीदी दिवस पर बीस दिवसीय सुखमनी साहिब का पाठ रोजाना शाम पांच बजे तक आरंभ होता है. स्त्री सतसंग सभा के द्वारा बीस दिनों तक सर्वसाध संगतों की सहयोग से किया जा रहा है. वे सिख इतिहास के पहले शहीद थे. उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सच्चाई की रक्षा के लिए 1606 में लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में मुगल शासक जहांगीर के आदेश पर असहनीय यातनाएं सहते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था. गुरूअर्जुन देव के प्रमुख कार्य और योगदान आदि ग्रंथ साहिब का संकलन (1604) उन्होंने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ आदि ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन किया. इसमें सभी सिख गुरुओं के साथ-साथ हिंदू व मुस्लिम संतों की वाणियों को भी शामिल किया गया. हरिमंदिर साहिब की स्थापना अमृतसर में उन्होंने हरिमंदिर साहिब स्वर्ण मंदिर की नींव रखी. इसके चारों ओर चार दरवाजे बनवाकर यह संदेश दिया कि यह स्थान सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है. दसवंड प्रथा: उन्होंने सिखों की आय का दसवां हिस्सा (दसवंड) समाज और धर्म के कल्याण कार्यों में लगाने की प्रथा शुरू की. शहीदी दिवस का महत्व: दिन दुनिया भर के गुरुद्वारों में विशेष प्रार्थनाएं, दीवान और लंगर का आयोजन किया जाता है. संगत उनकी महान कुर्बानी को याद करती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










