2006 से ही जिप अध्यक्ष पद पर आधी आबादी

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कटिहार : जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायती राज की चुनाव प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है. आम लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से रूका हुआ विकास कार्य फिर से रफ्तार पकड़ेगी. गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में आधी आबादी के कब्जा जमाने […]

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कटिहार : जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायती राज की चुनाव प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है. आम लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से रूका हुआ विकास कार्य फिर से रफ्तार पकड़ेगी. गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में आधी आबादी के कब्जा जमाने से उसके राजनीतिक सशक्तिकरण का संदेश भी समाज में गया है. हालांकि जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव में परदे के पीछे सियासी दिग्गज द्वारा बनायी गयी रणनीति की वजह से ही गुड्डी कुमारी इस पद पर काबिज हो सकी हैं.
हालांकि इस बार जिप उपाध्यक्ष का पद भी आधी आबादी के नाम ही हुआ है. जिप उपाध्यक्ष पद पर अंजलि देवी ने जीत हासिल कर अपनी ताकत का एहसास कराया है. हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब जिप अध्यक्ष की कुरसी आधी आबादी को मिली है, लगातार यह तीसरा मौका है, जब आधी आबादी को जिप अध्यक्ष के रूप में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. 2006 के पंचायत चुनाव के बाद से लगातार जिप अध्यक्ष का पद महिलाओं के कब्जे में रहाहै. इस बार तो उपाध्यक्ष का पद भी महिला के कब्जे में है.
अब रफ्तार पकड़ेगा विकास का काम
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब जिले में विकास की योजनायें रफ्तार पकड़ेगी. ऐसी उम्मीदें लोगों को है.
उल्लेखनीय है कि तीन चार महीने से पंचायत चुनाव को लेकर जिले के सभी 16 प्रखंडो में विकास कार्य बाधित रही है. खासकर ग्राम पंचायत व पंचायत समिति से चलने वाली योजनायें तो पूरी तरह ठप ही रही. इस दौरान मनरेगा के तहत मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिला. साथ ही स्थानीय स्तर पर कई कार्य होते रहे. जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव के बाद अब विकास कार्यो में तेजी आयेगी.
इस बार गुड्डी व अंजलि ने पुरुषों को पछाड़ा
वर्ष 2001 में लंबे समय के बाद त्रिस्तरीय पंचायती राज का चुनाव कराया गया था. उस समय जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में आजमनगर के जिला परिषद सदस्य रहे जाकिर हुसैन ने जीत हासिल की थी.
इसके बाद वर्ष 2006 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत पहली बार सीटों का आरक्षण किया गया. पंचायती राज व्यवस्था के तहत सभी पदों पर आधी आबादी को 50 प्रतिशत आरक्षण बिहार सरकार की ओर से दिया गया. इसी वर्ष जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में जाकिर हुसैन की पत्नी इशरत परवीन निर्वाचित हुयी थीं. पांच साल बाद वर्ष 2011 में जब चुनाव हुआ, तो मनिहारी की जिप सदस्य अंजलि देवी ने जिप अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया. इस बार जिला परिषद अध्यक्ष का पद अति पिछड़ा अन्य के लिए आरक्षित किया गया है.
गुरुवार को हुए चुनाव में कोढ़ा की जिप सदस्य गुड्डी कुमारी ने एक वोट से तौकीर आलम को हराया. यानी लगातार तीसरी बार जिप अध्यक्ष की कुर्सी महिला को मिली है. वर्ष 2011 से जिप अध्यक्ष के रूप में जिला परिषद का प्रतिनिधित्व करने वाली अंजलि देवी ने इस बार पुरुषों को पछाड़ कर उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है.
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