नया जूट मिल प्राथमिक वद्यिालय में चल रहा सहायक नाका

Updated:
विज्ञापन

नया जूट मिल प्राथमिक विद्यालय में चल रहा सहायक नाका आठ साल से बंद इस प्राथमिक विद्यालय का नहीं ले रहा कोई सुधि फोटो नं. 1 कैप्सन – विद्यालय भवन में संचालित हो रहा नाका. प्रतिनिधि, कटिहार आरबीएचएम जूट मिल (नया जूट मिल) के कामगारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए खोला गया प्राथमिक विद्यालय […]

विज्ञापन

नया जूट मिल प्राथमिक विद्यालय में चल रहा सहायक नाका आठ साल से बंद इस प्राथमिक विद्यालय का नहीं ले रहा कोई सुधि फोटो नं. 1 कैप्सन – विद्यालय भवन में संचालित हो रहा नाका. प्रतिनिधि, कटिहार आरबीएचएम जूट मिल (नया जूट मिल) के कामगारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए खोला गया प्राथमिक विद्यालय 2009 से बंद है. इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. वर्तमान में इस विद्यालय के पीछे वाले कमरे में सहायक नाका के सिपाही नाका के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. यह प्राथमिक विद्यालय करीब चार दशक से संचालित हो रहा था. 2009 में मिल को संविदा पर चलाने के बाद इस विद्यालय को बंद कर दिया गया है, जो अब तक बंद है. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 39 में अवस्थित प्राथमिक विद्यालय के नाम पर मात्र एक यही विद्यालय था, जिसमें मिल कामगार के बच्चे के साथ स्थानीय मुहल्ले के भी बच्चे पढ़ने आते थे. बेसिक शिक्षा की रोशनी बिखरने वाला यह प्राथमिक विद्यालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. एक नजर स्कूल के इतिहास पर———————-आरबीएचएम जूट मिल के प्रथम शिक्षक रामधनी यादव जो फैजाबाद (यूपी) के रहने वाले थे. 1992 में वे इस विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए. स्थानीय 4 नंबर गेट निवासी भूपेंद्र नाथ तिवारी ने इसका बागडोर संभाला. 100 रुपया से 205 रुपया तनख्वाह दिया जाता था. साथ डीए भी मिलता था. शिक्षक शिव कुमार शुक्ला 1992 से 2009 तक शिक्षण कार्य में रहे. इस विद्यालय में एक से कक्षा पांच तक की पढ़ाई होती थी. छात्रों की संख्या 125 थी. मिल बंद होने के बाद की समस्या———————–नया जूट मिल के वीआरएस के बाद प्रबंधक एसके घोष के द्वारा शिक्षकों की हाजिरी ली जाती थी. 2000 से 2009 तक पांच हजार रुपया प्रतिमाह दिया जाता था. मैनेजमेंट द्वारा डीए का 55 लाख रुपया काट लिया गया. जिसके बाद उक्त शिक्षकों ने केस भी किया. 2009 में इस विद्यालय को मिल प्रबंधन द्वारा बंद कर दिया गया. क्या कहते हैं लोग————-स्थानीय लोगों में संजीव कुमार गब्बर, मनोज मिश्रा, जयजय राम पांडेय, नथूनी सहनी, रामापति पासवान, गंगा महतो आदि ने जिला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विद्यालय खुलवाने की मांग किया है ताकि कामगारों के बच्चे के साथ स्थानीय बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर सके.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन