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Kaimur News : अभी समझने व ना ही समझाने की बेला है...

Updated at : 25 Apr 2025 9:06 PM (IST)
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Kaimur News : अभी समझने व ना ही समझाने की बेला है...

हलगाम के कायराना हमले के बाद अभी समझने और ना ही समझाने की बेला है, अमर तिरंगे को पीओके में लहराने की बेला है. गुरुवार को जब देश के नामचीन कवियों में शुमार अशोक चारण ने भभुआ शहर के जगजीवन स्टेडियम में प्रभात खबर अपराजिता सम्मान समारोह पर आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी बुलंद आवाज में सुनाया

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भभुआ सदर. पहलगाम के कायराना हमले के बाद अभी समझने और ना ही समझाने की बेला है, अमर तिरंगे को पीओके में लहराने की बेला है. गुरुवार को जब देश के नामचीन कवियों में शुमार अशोक चारण ने भभुआ शहर के जगजीवन स्टेडियम में प्रभात खबर अपराजिता सम्मान समारोह पर आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी बुलंद आवाज में सुनाया, तो स्टेडियम तालियों के गड़गड़ाहट से गूंज उठा. प्रभात खबर अपराजिता सम्मान समारोह के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में पहुंचे देश के नामचीन कवियों में शुमार दिनेश बावरा, शंभू शिखर, अशोक चारण व कवियत्री पद्मिनी शर्मा ने अपनी मौलिक रचनाओं की प्रस्तुति से दर्शकों में उत्साह का संचार करते हुए झूमने पर मजबूर कर दिया. कवि सम्मेलन की शुरुआत मशहूर हास्य व्यंगकार कवि शंभु शंकर द्वारा की गयी, इस दौरान उन्होंने हम सब भारत के वासी है और मेधा के अवतारी है हम सौ पर भारी धरतीपुत्र बिहारी है सुनाया, तो कविता के साथ-साथ लोग ताली बजाने लगी. कविता में शंभु शिखर ने बिहार के सभी महापुरुषों को याद किया और उनकी महानता सुनायी. कवि सम्मेलन में शंभु शिखर ने बिहार में शराबबंदी और पुलिस पर व्यंग्य कर लोगों को खूब हंसाया. शंभु शिखर ने हास्य व्यंग्य में कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां पुलिस को शराब पकड़ने के लिए हेलीकॉप्टर मिली हुई है. वहीं, कवि सम्मेलन में महिला कवियत्री पद्मिनी शर्मा ने दृष्टि में शरीर है कृष्णा क्या करें यहां दुःशासनों की भीड़ है मन ही मन में द्रौपदी का चीर जी रही हूं, मैं पद्मिनी हूं पर सिया को जी रही हूं मैं सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.कवि अशोक चारण ने सरकारी व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता की प्यास को बुझाने के लिए नेताजी फाइलों में झील बनवा रहे है. रोगियों का तो पता नहीं है पर अस्पताल पैसा लूट कर गुड फील करा रहे हैं. शिक्षा माफिया कभी इंजीनियर और डॉक्टर बना रहे है, तो साधु संत भी अब रील बना रहे हैं. कवि सम्मेलन के सबसे अंत में कवि दिनेश बावरा ने चुटीले अंदाज में अपनी प्रस्तुति देते हुए सम्मेलन में आये अतिथियों और लोगों को खूब हंसाया. प्रभात खबर अपराजिता सम्मान समारोह के उपरांत आयोजित कवि सम्मेलन में डीएम सावन कुमार, एसपी हरिमोहन शुक्ल, एसडीएम भभुआ विजय कुमार, एसडीपीओ शिवशंकर कुमार सहित सभी अतिथि और कवियों को सुनने वाले लोग कार्यक्रम समाप्त होने तक जमे रहे और कवियों के एक से एक कविता पर हंसते और तालियां बजाते रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRABHANJAY KUMAR

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By PRABHANJAY KUMAR

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