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अब सरकारी विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं की बनेगी ऑनलाइन हाजिरी

Updated at : 20 Nov 2024 9:06 PM (IST)
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अब सरकारी विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं की बनेगी ऑनलाइन हाजिरी

ब जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की भी ऑनलाइन हाजिरी बनेगी, जहां 75 प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर ही छात्र-छात्राओं को अब सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा.

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भभुआ नगर. अब जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की भी ऑनलाइन हाजिरी बनेगी, जहां 75 प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर ही छात्र-छात्राओं को अब सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा. वहीं, अब मेधा सॉफ्ट पर नहीं बल्कि इ-शिक्षा कोष पर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज होगी. इ-शिक्षा कोष एप के जरिये डिजिटल मोड में हाजिरी के लिए प्रत्येक विद्यालय को टैबलेट उपलब्ध कराया जा रहा है. टैबलेट से ही बच्चों के चेहरे की स्केनिंग की जायेगी. ऑनलाइन हाजिरी के लिए प्रधानाध्यापक और शिक्षक को दो बटन दिखायी देंगे. एक बटन स्कूल इन का और दूसरा स्कूल आउट का होगा. इधर छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा सह नोडल पदाधिकारी डीबीटी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश जारी किया है. जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा विभाग के इ-शिक्षा कोष पर राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों से संबंधित सूचना संग्रहित की जा रही है. सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि मेधा सॉफ्ट पोर्टल के स्थान पर अब इ-शिक्षा कोष पर दर्ज छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर सभी योजनाओं को लाभ दिया जायेगा. जारी आदेश में कहा गया है कि सभी विद्यालय प्रखंड स्तर पर अपने विद्यार्थियों की सूची जमा करना सुनिश्चित करेंगे. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालयों की सूची को ऑनलाइन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी योजना व लेखा को जायेंगे. इधर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से इ-शिक्षा कोष में भेजना सुनिश्चित करेंगे. वहीं, जारी आदेश में कहा है कि यदि किसी लाभुक अथवा विद्यालय के आंकड़े छूट जाते है या किसी भी प्रकार से लाभुकों के छूट जाने अथवा आयोग्य लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाता है, तो इसके जिम्मेदार संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी योजना लेखा व प्रधानाध्यापक हों. गौरतलब है कि लंबे समय से बिहार के सरकारी स्कूलों के लेकर ऐसी आम शिकायत होती थी कि स्कूलों में कहीं शिक्षक नहीं आते, तो कहीं विद्यार्थी ही गायब रहते हैं. अगर दोनों की उपस्थिति है तो वहां बैठने के लिए बेंच-डेस्क नहीं है या फिर स्कूल भवन ही नहीं है. कहा तो यहां तक जाता था कि न तो शिक्षकों को पढ़ाने से मतलब है और न ही छात्रों का पढ़ने से वास्ता है. लेकिन, अब सरकारी विद्यालयों में भी व्यवस्था में पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है. छात्रों की बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था की गयी है, तो वहीं शिक्षक की ऑनलाइन हाजिरी ली जा रही है. वहीं, शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी के बाद अब छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन हाजिरी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद प्रारंभ कर दी है, जल्द ही अब छात्रों को इ-शिक्षा कोष पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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